अगर आपका बचत खाता कैश से भरा पड़ा है, तो अलर्ट हो जाइए। वित्त वर्ष 2025-26 में आयकर विभाग ने बैंक खातों पर सख्ती बढ़ा दी है। एक साल में 10 लाख रुपये से ज्यादा कैश जमा करने पर नोटिस आ सकता है। यह Statement of Financial Transactions (SFT) रिपोर्ट के जरिए होता है, जो काले धन पर लगाम लगाने का हथियार है।

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कैश जमा की सख्त सीमाएं
सेविंग अकाउंट में पूरे वित्तीय वर्ष में कुल 10 लाख रुपये तक कैश जमा करना सुरक्षित है। इससे ज्यादा होने पर बैंक SFT फॉर्म 61A भरकर आयकर विभाग को सूचना दे देते हैं। एक बार में 50,000 रुपये से ऊपर कैश डालने पर PAN की जरूरत पड़ती है, जबकि 2 लाख रुपये से ज्यादा पर जांच की तलवार लटक जाती है।
SBI, HDFC जैसे सभी बैंकों पर यही नियम लागू हैं। अगर PAN-Aadhaar लिंक नहीं है, तो 1 लाख रुपये सालाना जमा भी रिस्की हो जाता है। करेंट अकाउंट में यह सीमा 50 लाख रुपये तक ढीली है, लेकिन व्यक्तिगत बचत खातों वालों को सावधान रहना होगा। मिसाल के तौर पर, 12 लाख रुपये कैश जमा करने पर विभाग स्रोत पूछेगा और ITR न होने पर इसे अनकही कमाई मान लेगा।
नोटिस का खौफ
बैंक हर तिमाही SFT रिपोर्ट भेजते हैं, जिसमें 10 लाख रुपये से ज्यादा कैश या शक की गतिविधियां कैद होती हैं। नोटिस आने पर स्रोत न बता पाने पर 60% टैक्स प्लस 25% सरचार्ज और 4% सेस लगता है, कुल 84% तक। कैश निकासी पर भी खतरा: सालाना 1 करोड़ रुपये से ऊपर पर 2% TDS कटता है। PAN न जुड़ा हो तो 1 लाख से ऊपर 20% TDS।
दिल्ली-NCR समेत कई इलाकों में छोटे जमा पर भी नोटिस के केस सामने आए हैं। जीरो बैलेंस BSBDA खातों पर भी वही नियम हैं, लेकिन UPI से PPF जैसी सुविधाएं नई राहत दे रही हैं।
सेविंग बनाम करेंट
| खाता प्रकार | सालाना कैश जमा सीमा | रिपोर्टिंग की दहलीज | टैक्स का खतरा |
|---|---|---|---|
| सेविंग | 10 लाख रुपये | 10 लाख से ऊपर SFT | ज्यादा (70% केस में नोटिस) |
| करेंट | 50 लाख रुपये | बिजनेस ट्रांजेक्शन | कम (GST जांच) |
बचाव के आसान टिप्स
डिजिटल रास्ता चुनें: चेक, UPI, NEFT या RTGS से पैसे का लेन-देन करें, इनकी कोई कैश सीमा नहीं। FD बनाने से पहले पुराने बैलेंस का इस्तेमाल करें, नया कैश न डालें। हर ट्रांजेक्शन ITR में दर्ज रखें और PAN-Aadhaar जोड़ लें। सलाह है कि 10 लाख से कम रखें या बिजनेस के लिए करेंट खाता खोलें। महाराष्ट्र जैसे राज्यों में लोकल बैंक नियम भी जांच लें।
सरकार की चेतावनी और आगे की राह
आयकर विभाग ने 2026 के लिए SFT पर नजर और तेज कर दी है। CBDT के मुताबिक, हाई वैल्यू ट्रांजेक्शन पर 100% पेनल्टी का प्रावधान है। ITR फाइल करने वाले भी फंस रहे हैं, सिर्फ असली स्रोत साबित करने पर बचेगा। खाता प्रभावित हो तो फौरन CA से मिलें। ये नियम काले धन रोकने को हैं, लेकिन आम आदमी को सजग रहना पड़ेगा। सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।















