
क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा अस्पताल जहां एक साथ 7000 से ज्यादा मरीज भर्ती हो सकते हैं? यह कोई साधारण हॉस्पिटल नहीं, बल्कि एक पूरा ‘मेडिकल टाउन’ है, जो छोटे शहर से भी बड़ा है। चीन के हेनान प्रांत में बसा झेंग्झू यूनिवर्सिटी का फर्स्ट अफिलिएटेड हॉस्पिटल (Zhengzhou University First Affiliated Hospital) दुनिया का सबसे बड़ा अस्पताल है। 500,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला यह कॉम्प्लेक्स न केवल इलाज का केंद्र है, बल्कि रिसर्च, ट्रेनिंग और हेल्थकेयर का वैश्विक हब भी।
भारत में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), दिल्ली को सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल माना जाता है, लेकिन वैश्विक पटल पर यह चीनी महासंस्थान कहीं आगे है। सामान्य ज्ञान क्विज और प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाने वाला यह सवाल हाल ही में ट्रेंडिंग GK क्विज में वायरल हुआ। टाइम्स नाउ हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, यह अस्पताल 7000 बेड्स के साथ मरीजों की भारी भरकम संख्या को संभालने में सक्षम है।
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ऐतिहासिक सफर और विशालता
1928 में स्थापित यह अस्पताल 2000 में झेंग्झू यूनिवर्सिटी के साथ विलय हो गया, जिससे यह मेडिकल एजुकेशन का प्रमुख केंद्र बन गया। पांच कैंपस और 12,400 बेड्स (कुछ रिपोर्ट्स में 10,000+) के साथ यह ‘सेंट्रल प्लेन्स मेडिकल एयरक्राफ्ट कैरियर’ के नाम से मशहूर है। हर साल 98 लाख से अधिक OPD विजिट्स और 4.6 लाख सर्जरी होती हैं। 28 मंजिलों पर फैली सुविधाएं, अपना फायर डिपार्टमेंट और पुलिस स्टेशन तक इसमें शामिल हैं।
यह अस्पताल केवल इलाज तक सीमित नहीं। झेंग्झू यूनिवर्सिटी के क्लिनिकल मेडिसिन स्कूल का मुख्य ट्रेनिंग साइट होने के नाते, यह डॉक्टरों को तैयार करता है। 56 क्लिनिकल और टेक्निकल डिपार्टमेंट्स में न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, वास्कुलर सर्जरी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी जैसी स्पेशलाइटीज पर फोकस है। हेनान प्रांत की की-डिसिप्लिन्स में ये शामिल हैं।
कटिंग-एज टेक्नोलॉजी का चमत्कार
5G नेटवर्क पर रिमोट सर्जरी के लिए विश्वविख्यात यह हॉस्पिटल टेलीमेडिसिन का पायनियर है। नेशनल टेलीमेडिसिन सेंटर के रूप में, यह प्री-हॉस्पिटल फर्स्ट एड में क्लाउड-बेस्ड डेटा शेयरिंग करता है। एम्बुलेंस में वेंटिलेटर, मॉनिटर और इन्फ्यूजन पंप्स से जुड़े EMR सिस्टम से गंभीर मरीजों को ‘ग्रीन चैनल’ मिलता है। चेस्ट पेन, स्ट्रोक, ट्रॉमा जैसी स्पेशलिटीज में AI-बेस्ड रिमोट डायग्नोसिस प्लेटफॉर्म 99 टर्शियरी और 326 सेकेंडरी हॉस्पिटल्स को सेवाएं देता है।
उन्नत उपकरण जैसे 3.0T MRI, 256-लेयर CT, गामा नाइफ, DSA और इलेक्ट्रॉन लीनियर एक्सेलेरेटर से कैंसर, हृदय रोग और न्यूरो डिसीज का इलाज संभव है। ICU में हर्मेटिक ग्लास डोर्स इंफेक्शन रोकते हैं। कोविड जैसी महामारी में इसकी भूमिका सराहनीय रही।
भारत-चीन तुलना और भविष्य
भारत के PMCH पटना (दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा बेड वाला) या AIIMS जैसे संस्थान प्रभावशाली हैं, लेकिन झेंग्झू की स्केल मैच नहीं करती। यह मॉडल भारत के लिए प्रेरणा हो सकता है, जहां हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की जरूरत है। कुलदीप राघव की GK रिपोर्ट ने इसे हाइलाइट किया, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी है।
झेंग्झू हॉस्पिटल मरीज-केंद्रित, हाई-क्वालिटी सर्विस पर जोर देता है। भविष्य में AI और 5G से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ेगी। यह साबित करता है कि चिकित्सा अब ‘टाउन’ बन चुकी है।















