सुबह उठते ही फोन में 100 प्रतिशत बैटरी देखना कितना सुकून भाता है, लेकिन ये आदत आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। ज्यादातर लोग रात को सोने से पहले फोन चार्जिंग पर लगा छोड़ देते हैं, मगर ये लापरवाही स्मार्टफोन की लिथियम-आयन बैटरी को धीरे-धीरे खा जाती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि 100 प्रतिशत चार्ज होने के बाद भी ट्रिकल चार्जिंग चलती रहती है, जो बैटरी सेल्स पर लगातार दबाव डालती है। नतीजा? बैटरी की जिंदगी आधी हो जाती है और नई बैटरी बदलने का खर्च 2 से 5 हजार रुपये तक चढ़ जाता है।

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बैटरी पर छिपा खतरा क्या है?
स्मार्टफोन्स में लगी लिथियम-आयन बैटरी महज 300 से 500 पूर्ण चार्ज साइकिल्स तक ठीक चलती है। जब फोन 100 प्रतिशत पर पहुंच जाता है, तो वो छोटी-छोटी मात्रा में बिजली सोखता रहता है ताकि लेवल शून्य न हो। इससे बैटरी अंदर से गर्म होती है और केमिकल रिएक्शन तेज हो जाते हैं। लंबे समय तक ये प्रक्रिया चलने से बैटरी की क्षमता घटती जाती है, फोन जल्दी डिस्चार्ज होने लगता है।
रातभर चार्जिंग से ओवरहीटिंग सबसे बड़ा खतरा बनता है। फोन का तापमान बढ़ने से न सिर्फ बैटरी कमजोर पड़ती है, बल्कि इंटरनल पार्ट्स को भी नुकसान पहुंचता है। सस्ते या लोकल चार्जर इस्तेमाल करने पर आग लगने या ब्लास्ट की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। अगर आप दिनभर कंटेंट क्रिएशन या वेब डेवलपमेंट जैसे कामों में फोन यूज करते हैं, तो ये समस्या प्रोडक्टिविटी को बुरी तरह प्रभावित कर देगी।
क्यों बन गई है ये आम आदत?
आजकल हर कोई व्यस्त जीवन जी रहा है। रात को फोन प्लग इन कर सो जाना आसान लगता है, लेकिन कंपनियां भी मानती हैं कि ये पूरी तरह सुरक्षित नहीं। मॉडर्न फोन्स में ऑटो-कटऑफ होता है, मगर ट्रिकल चार्जिंग रुकती नहीं। कॉल आना, ऐप्स का बैकग्राउंड रन या नेटवर्क यूज से बैटरी थोड़ी खर्च होती है और फिर दोबारा चार्ज साइकिल शुरू हो जाती है। इससे बैटरी हेल्थ साल में ही 20-30 प्रतिशत गिर सकती है।
बैटरी लाइफ बचाने के आसान उपाय
एक्सपर्ट्स की सलाह है कि फोन को 20 से 80 प्रतिशत के बीच ही चार्ज रखें। 100 प्रतिशत तक जाने से बचें, क्योंकि ऊपरी 20 प्रतिशत बैटरी पर सबसे ज्यादा स्ट्रेस पड़ता है। रातभर चार्जिंग छोड़ें, सुबह 50-60 प्रतिशत बैटरी से काम चलाएं। ओरिजिनल या सर्टिफाइड चार्जर यूज करें और फोन को ठंडी, हवादार जगह पर रखें।
चार्जिंग के दौरान एयरप्लेन मोड ऑन करें ताकि बैकग्राउंड ऐप्स बंद रहें और तेजी से चार्ज हो। गर्मी से बचाएं – कवर हटाकर या बेड के नीचे न रखें। नई तकनीक वाले फोन्स में ऑप्टिमाइज्ड बैटरी चार्जिंग फीचर होता है, जो 80 प्रतिशत पर रुक जाता है। बैटरी 0 प्रतिशत तक न जाने दें, 20 प्रतिशत पर प्लग इन करें। इन छोटे बदलावों से आपकी बैटरी 2-3 साल आसानी से चलेगी।
कंटेंट क्रिएटर्स और डिजिटल वर्कर्स के लिए ये टिप्स सोने जैसे हैं। आज से आदत बदलें, वरना महंगा खर्चा न उठाना पड़े। स्मार्ट चार्जिंग से स्मार्ट लाइफ जिएं!















