
मैसेजिंग ऐप WhatsApp ने ग्रुप चैट्स की एक पुरानी और बड़ी समस्या का समाधान करते हुए ‘ग्रुप मैसेज हिस्ट्री’ (Group Message History) नामक नया फीचर लॉन्च किया है। यह सुविधा खासतौर पर उन यूजर्स के लिए वरदान साबित होगी जो किसी ग्रुप में देर से जुड़ते हैं और पुरानी चर्चा से कंट्रास्ट खो देते थे। अब नए सदस्यों को जोड़ते समय एडमिन या ग्रुप मेंबर्स 25 से 100 मैसेजेस तक की पिछली बातचीत शेयर कर सकेंगे, जिससे वे तुरंत बातचीत में शामिल हो सकेंगे।
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पुरानी समस्या का अंत
पहले जब कोई नया यूजर ग्रुप में जुड़ता था, तो उसे केवल उसके बाद की मैसेजेस दिखती थीं। इससे महत्वपूर्ण संदर्भ समझना मुश्किल हो जाता था, और सदस्यों को पुराने मैसेजेस फॉरवर्ड करने पड़ते थे। यह नया फीचर इसी कमी को पूरा करता है। WhatsApp के आधिकारिक ब्लॉग के अनुसार, यह ग्रुप चैट्स को “बिना किसी डिस्टर्बेंस के ज्यादा वेलकमिंग” बनाता है। भारत जैसे देश में जहां फैमिली, फ्रेंड्स, प्रोफेशनल और कम्युनिटी ग्रुप्स करोड़ों में हैं, यह फीचर यूजर्स की बड़ी टेंशन खत्म कर देगा।
कैसे काम करेगा फीचर?
जब आप किसी नए सदस्य को ग्रुप में ऐड करेंगे, तो ऐप पूछेगा कि कितनी हिस्ट्री शेयर करनी है। विकल्प हैं: 25, 50, 75 या 100 मैसेजेस। ध्यान दें, यह चॉइस केवल ऐड करते समय ही मिलेगी – बाद में शेयर नहीं कर पाएंगे। अगर भूल गए, तो सदस्य को रिमूव करके दोबारा ऐड करना पड़ेगा। शेयर की गई हिस्ट्री ग्रुप में सभी को नोटिफाई हो जाएगी, और यह सामान्य मैसेजेस से अलग दिखेगी – टाइमस्टैम्प और सेंडर की डिटेल्स के साथ। इससे ट्रांसपेरेंसी बनी रहेगी।
प्राइवेसी और सिक्योरिटी पर फोकस
WhatsApp ने प्राइवेसी को प्राथमिकता दी है। पूरी चैट हिस्ट्री शेयर नहीं होगी, सिर्फ सीमित मैसेजेस। सभी शेयर्ड मैसेजेस एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रहेंगे, यानी केवल ग्रुप मेंबर्स ही इन्हें पढ़ सकेंगे। ग्रुप एडमिन को पूरा कंट्रोल मिलेगा – वे पूरे ग्रुप के लिए हिस्ट्री शेयरिंग बंद कर सकते हैं। हालांकि, एडमिन खुद शेयर कर सकेंगे। यह फीचर Telegram से बेहतर है, जहां या तो पूरी हिस्ट्री शेयर होती है या कुछ नहीं। iMessage में तो ऐसा कोई ऑप्शन ही नहीं।
वैश्विक रोलआउट शुरू
फरवरी 2026 में लॉन्च होने के बाद यह फीचर Android, iOS और WhatsApp Web पर चरणबद्ध तरीके से रोलआउट हो रहा है। यूजर्स को लेटेस्ट ऐप वर्जन अपडेट करना होगा। WhatsApp के मुताबिक, यह “मोस्ट रिक्वेस्टेड फीचर्स” में से एक था। भारत में जहां 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं, यह जल्द ही सभी तक पहुंचेगा।
यूजर्स और एक्सपर्ट्स की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर यूजर्स उत्साहित हैं। एक यूजर ने ट्वीट किया, “अब ग्रुप में लेट जॉइन करने वालों की परेशानी खत्म!” एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह प्रोडक्टिविटी बढ़ाएगा, खासकर वर्क ग्रुप्स में। हालांकि, कुछ प्राइवेसी कंसर्न्स भी उठे हैं, लेकिन WhatsApp की ट्रांसपेरेंसी से इन्हें संबोधित किया गया है।
भविष्य की संभावनाएं
यह अपडेट WhatsApp को प्रतिद्वंद्वियों से आगे रखेगा। आने वाले समय में और फीचर्स जैसे शेड्यूल्ड मैसेजेस और एडवांस्ड प्राइवेसी टूल्स की उम्मीद है। यूजर्स के लिए सलाह: ग्रुप मैनेजमेंट सेटिंग्स चेक करें और अपडेट रखें। कुल मिलाकर, ग्रुप मैसेज हिस्ट्री ग्रुप चैट्स को स्मूथ और इंक्लूसिव बना देगा।















