लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप अब विज्ञापनों के साथ नया रूप अपनाने को तैयार है। कंपनी ने स्टेटस अपडेट्स और चैनल्स के बीच स्पॉन्सर्ड कंटेंट शुरू कर दिया है। अपडेट्स टैब खोलते ही Sponsored या Promoted टैग वाले विज्ञापन नजर आने लगेंगे। यह बदलाव भारत समेत कई देशों में धीरे-धीरे लागू हो रहा है।

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बदलाव का स्वरूप
पहले अपडेट्स टैब सिर्फ दोस्तों के स्टेटस और सब्सक्राइब्ड चैनल्स तक सीमित था। अब उसके बीच में ब्रांड्स के प्रमोशनल मैसेज या वीडियो पॉप अप होंगे। उदाहरणस्वरूप, अगर आप किसी के स्टेटस पर स्क्रॉल कर रहे हैं, तो बीच में किसी प्रोडक्ट का ऐड आ सकता है। यह फीचर बीटा टेस्टिंग के बाद अब आम यूजर्स तक पहुंचा है। अच्छी बात यह है कि निजी चैट्स, ग्रुप बातचीत और वॉइस कॉल्स पूरी तरह अप्रभावित रहेंगे।
कंपनी की रणनीति
व्हाट्सएप दुनिया भर में अरबों यूजर्स का प्लेटफॉर्म है, जो अब तक मुफ्त सेवाओं पर निर्भर रहा। चैनल्स की बढ़ती पॉपुलैरिटी ने कंपनी को कमाई का नया रास्ता दिखाया। बिजनेस अकाउंट्स अब अपने चैनल्स को प्रमोट कर सकेंगे, जबकि स्टेटस से टारगेटेड ऐड्स चलेंगे। कुछ क्षेत्रों में ऐड-फ्री सब्सक्रिप्शन का विकल्प भी मिलेगा। इससे कंपनी को नई आय सुनिश्चित होगी, बिना यूजर्स के मुख्य अनुभव को छुए।
यूजर कंट्रोल के उपाय
हर विज्ञापन पर स्वाइप करके स्किप करने का ऑप्शन रहेगा। अगर कोई ऐड बार-बार दिखे, तो उसे ब्लॉक या हाइड किया जा सकेगा। ऐप की सेटिंग्स में प्राइवेसी सेक्शन जाकर ऐड प्रेफरेंस बदली जा सकती है। नोटिफिकेशन सेंटर से भी मैनेजमेंट आसान होगा। प्राइवेसी बरकरार रखने के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसा सुरक्षा फीचर बना रहेगा। विज्ञापन सिर्फ पब्लिक स्टेटस और चैनल डेटा पर आधारित होंगे।
भारतीय यूजर्स पर प्रभाव
भारत में व्हाट्सएप सिर्फ चैटिंग नहीं, बल्कि बिजनेस, न्यूज शेयरिंग और पेमेंट्स का केंद्र है। छोटे व्यापारी चैनल्स से कस्टमर्स तक पहुंच बनाएंगे। लेकिन आम यूजर्स को स्टेटस टैब में अतिरिक्त कंटेंट से भटकाव महसूस हो सकता है। देहरादून जैसे शहरों में युवा और परिवार वाले सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। लंबे समय में यह ऐप को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसा बना सकता है।
आगे की राह
यूजर्स को सलाह है कि ऐप को लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट रखें। सेटिंग्स चेक करके पर्सनलाइज्ड ऐड्स बंद करें। शुरुआती फीडबैक से ज्यादातर लोग ऐड्स को आसानी से स्किप कर रहे हैं। कंपनी का कहना है कि यह बदलाव वैकल्पिक है। भविष्य में सब्सक्रिप्शन मॉडल मजबूत हो सकता है। कुल मिलाकर, व्हाट्सएप अपनी सादगी खोने के कगार पर है, लेकिन नई सुविधाओं से मजबूत होगा। फिलहाल रोलआउट जारी है, अपने ऐप पर नजर रखें।















