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Shadi Anudan Yojana: खुशखबरी! शादी करने पर यह सरकार दे रही ₹11,000 का चेक, जानें किसे और कैसे मिलेगा लाभ?

मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना जरूरतमंद बेटियों, विधवाओं को विवाह के लिए 11,000 रुपये चेक + 38,000 रुपये गिफ्ट देती है। समूह विवाह में ही लाभ; कोई आय सीमा नहीं। आधार, वोटर ID से ग्राम पंचायत/नगर निगम में आवेदन करें। समिति जांच कर स्वीकृति देगी। आर्थिक बाधा दूर कर सशक्तिकरण का बड़ा कदम!

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Shadi Anudan Yojana: खुशखबरी! शादी करने पर यह सरकार दे रही ₹11,000 का चेक, जानें किसे और कैसे मिलेगा लाभ?

केंद्र और राज्य सरकारें महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के लिए लगातार नई-नई योजनाएं चला रही हैं। इन्हीं में मध्य प्रदेश की चर्चित ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ एक मिसाल है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों, विधवाओं और परित्यक्त महिलाओं को विवाह के समय वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

इस योजना के तहत सरकार वधू को सीधे अकाउंट पेयी चेक के रूप में 11,000 रुपये देती है, जबकि मैरिज गिफ्ट के रूप में 38,000 रुपये और आयोजन संस्था को प्रति लड़की 6,000 रुपये की राशि भी उपलब्ध कराई जाती है। यह योजना उत्तर प्रदेश की ‘शादी अनुदान योजना’ से मिलती-जुलती है, लेकिन मध्य प्रदेश में समूह विवाह पर विशेष जोर दिया गया है।

योजना का उद्देश्य और महत्व

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का मुख्य लक्ष्य जरूरतमंद लड़कियों के विवाह में आने वाली आर्थिक बाधाओं को दूर करना है। राज्य सरकार का मानना है कि विवाह जैसे सामाजिक संस्कार में पैसों की तंगी न हो, इसलिए यह सहायता सीधे लाभार्थी तक पहुंचाई जाती है। विधवाओं (कल्याणी) और परित्यक्त बहनों को प्राथमिकता दी जाती है, जो समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास है।

पिछले वर्षों में हजारों परिवारों ने इसका लाभ उठाया है, जिससे सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में भागीदारी बढ़ी है। यह योजना न केवल आर्थिक मदद करती है, बल्कि बाल विवाह रोकने और न्यूनतम वैवाहिक आयु सुनिश्चित करने में भी सहायक सिद्ध हुई है।

पात्रता मानदंड

इस योजना का लाभ लेने के लिए वधू या वर का अभिभावक मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। वधू की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और वर की 21 वर्ष होनी चाहिए। खास बात यह है कि आय सीमा पर कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन विवाह केवल समूह विवाह कार्यक्रम में ही मान्य होगा। व्यक्तिगत या सिंगल विवाह पर लाभ नहीं मिलेगा। विधवा या कानूनी रूप से तलाकशुदा महिलाएं भी पात्र हैं। उत्तर प्रदेश की शादी अनुदान योजना की तरह यहां भी BPL परिवारों पर फोकस है, लेकिन मध्य प्रदेश में यह अधिक लचीला है।

आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया

आवेदन के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर जरूरी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत या जनपद पंचायत, जबकि शहरी इलाकों में नगर निगम, नगर पंचायत या नगर परिषद से फॉर्म लें। फॉर्म भरकर सभी दस्तावेज संलग्न कर जमा करें। इसके बाद जिलापंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ग्रामीण) या नगर निगम आयुक्त (शहरी) पुन: जांच समिति गठित करते हैं।

समिति पात्रता जांचकर रिपोर्ट विवाह पोर्टल पर अपलोड करती है। समूह विवाह से 7 दिन पहले प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। पात्र जोड़ों को स्वीकृति आदेश और अयोग्य को अस्वीकृति कारण सहित SMS/पोर्टल से सूचना मिलती है।

लाभ वितरण

विवाह के बाद वधू को 11,000 रुपये का चेक सीधे मिलता है। 38,000 रुपये का मैरिज गिफ्ट और 6,000 रुपये संस्था को अलग से ट्रांसफर होते हैं। कुल मिलाकर प्रति विवाह करीब 55,000 रुपये की सहायता सुनिश्चित होती है। यह राशि डिजिटल पोर्टल के माध्यम से ट्रैक की जा सकती है, जो भ्रष्टाचार रोकने में मददगार है। उत्तर प्रदेश में शादी अनुदान के तहत 20,000 रुपये मिलते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश की योजना समूह विवाह को बढ़ावा देकर सामाजिक एकता को मजबूत करती है।

चुनौतियां और सुझाव

हालांकि योजना सफल है, लेकिन जागरूकता की कमी और दस्तावेज सत्यापन में देरी चुनौतियां हैं। सरकार को मोबाइल ऐप और हेल्पलाइन बढ़ानी चाहिए। जरूरतमंद परिवारों से अपील है कि स्थानीय कार्यालयों से संपर्क करें। यह योजना नारी सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। 

Author
info@divcomkonkan.in

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