
उत्तर भारत में ठिठुरन का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। उत्तर पश्चिम और मध्य भारत दोनों ही इस समय बदलते मौसम के दबाव में हैं और अगले कुछ दिनों तक हालात में खास राहत की उम्मीद नहीं दिख रही। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी है, जिसके कारण तापमान गिर रहा है और ठंडी हवाओं ने लोगों की कंपकंपी बढ़ा दी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ठंड की यह दूसरी इनिंग कम से कम इस हफ्ते तक असर दिखाती रहेगी।
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तापमान 2 से 4 डिग्री गिरेगा
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में निचले और मध्य क्षोभमंडल में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इसी सिस्टम के कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों और सटे मैदानी इलाकों में 3 फरवरी तक बारिश और बर्फबारी की स्थिति बनी रहेगी। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो सर्दी के असर को और बढ़ा देंगी। अनुमान है कि अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे रात और सुबह का समय विशेष रूप से ज्यादा सर्द महसूस होगा।
कम दबाव का क्षेत्र और नया पश्चिमी विक्षोभ
मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि दक्षिणी हरियाणा और उससे सटे उत्तरी राजस्थान के ऊपर निचले क्षोभमंडल स्तर पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ मिलकर पश्चिमी विक्षोभ मैदानी इलाकों तक अपना असर दिखा रहा है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ सकता है। 5 से 7 फरवरी के दौरान पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना भी जताई गई है, जिसका मतलब है कि यह ठंडा और नम मौसम अभी कुछ दिन और लोगों की परीक्षा लेगा।
कश्मीर घाटी में दोबारा बढ़ी सर्दी
कश्मीर घाटी में तीन दिन की मामूली राहत के बाद रविवार को सुबह फिर से मौसम ने करवट ली। श्रीनगर सहित कुछ मैदानी इलाकों में हल्की बारिश हुई, जबकि ऊंचे क्षेत्रों में हिमपात दर्ज किया गया। दिन में सर्दी बढ़ गई और अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री तक की गिरावट देखी गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि 2 और 3 फरवरी की रात को ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है।
हरियाणा में बारिश और ओलावृष्टि
हरियाणा में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर साफ देखने को मिला। प्रदेश के कम से कम छह जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि करनाल, यमुनानगर और रोहतक समेत कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 31 जनवरी की रात से सक्रिय विक्षोभ के कारण रविवार सुबह तक बारिश का असर दिखा। पूर्वी राजस्थान और दक्षिणी हरियाणा के हिस्सों में बना कम दबाव का क्षेत्र भी इसी सिस्टम से जुड़ा हुआ है। अनुमान है कि मंगलवार दोपहर तक इस विक्षोभ का असर बना रह सकता है, इसलिए किसानों को फसलों पर अतिरिक्त नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
हिमाचल में बर्फबारी, आंधी तूफान अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में किन्नौर, शिमला, सिरमौर, कुल्लू, लाहौल स्पीति, मंडी और चंबा जिलों की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी दर्ज की गई। शिमला, कुल्लू, लाहौल, कांगड़ा, चंबा, मंडी, ऊना और हमीरपुर में हुई बारिश से मैदानी और पहाड़ी दोनों हिस्सों में ठंड बढ़ गई है। सोलन में बिजली गिरने की एक दर्दनाक घटना में 54 भेड़ बकरियों की मौत हो गई, जिससे स्थानीय पशुपालकों को बड़ा नुकसान हुआ।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए आंधी तूफान की चेतावनी जारी की है और सोमवार तथा मंगलवार को भी उच्च और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है। कई स्थानों पर तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री सेल्सियस ऊपर दर्ज किया गया, जबकि कुछ जगहों पर न्यूनतम तापमान में 2 से 6 डिग्री की बढ़ोतरी भी नोट की गई। लाहौल स्पीति जिले का ताबो प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान माइनस 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राजस्थान में हल्की राहत
राजस्थान में तापमान में हल्की बढ़त के साथ कड़ाके की ठंड से कुछ राहत जरूर महसूस की जा रही है, लेकिन मौसम अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। रविवार को ज्यादातर स्थानों पर न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा और अलवर में सबसे कम 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बीते 24 घंटों के दौरान अजमेर में 1.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। फिलहाल अनुमान है कि कम से कम एक दिन तक मौसम के ऐसे ही बने रहने की संभावना है, उसके बाद ही ठंड में थोड़ी नरमी आने की उम्मीद की जा सकती है।















