उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह योजना लड़कियों के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहायता प्रदान करती है, जिससे गरीब परिवारों को बेटी की परवरिश और पढ़ाई में बड़ी राहत मिलती है। शुरू में 15,000 रुपये की यह मदद अब बढ़कर 25,000 रुपये हो गई है, जो छह चरणों में सीधे बैंक खाते में पहुंचाई जाती है।

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योजना का उद्देश्य और महत्व
2019 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लॉन्च की गई यह योजना ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को मजबूत आधार देती है। इसका मुख्य लक्ष्य बालिकाओं के लिंगानुपात में सुधार करना और उन्हें शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना है। अब तक लाखों परिवार लाभान्वित हो चुके हैं, जबकि 2025-26 के बजट में इसके लिए 1,200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक बदलाव ला रही है।
चरणबद्ध लाभ राशि
योजना के तहत सहायता छह मील के पत्थरों पर दी जाती है:
- पहला चरण: जन्म के बाद 5,000 रुपये (जन्म प्रमाण पत्र और टीकाकरण पर)।
- दूसरा चरण: 6 महीने पूरे होने पर 2,000 रुपये (टीकाकरण पूरा होने पर)।
- तीसरा चरण: नर्सरी या प्राइमरी स्कूल प्रवेश पर 2,000 रुपये।
- चौथा चरण: कक्षा 5 पास करने पर 2,000 रुपये।
- पांचवां चरण: कक्षा 8 पास करने पर 3,000 रुपये।
- छठा चरण: कक्षा 10वीं या 12वीं पास पर 5,000 रुपये (उच्च शिक्षा के लिए)।
कुल 25,000 रुपये की यह राशि परिवार को बेटी की पढ़ाई-लिखाई में आत्मनिर्भर बनाती है।
पात्रता के मुख्य मानदंड
इस योजना का लाभ लेने के लिए परिवार उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। सालाना आय 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। परिवार में अधिकतम दो बेटियां होनी चाहिए, जो 1 अप्रैल 2019 के बाद पैदा हुई हों। जुड़वां बेटियों या गोद ली गई बालिकाओं के लिए विशेष प्रावधान हैं। आधार कार्ड, राशन कार्ड और आय प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी हैं।
आसान आवेदन प्रक्रिया
रजिस्ट्रेशन बिल्कुल सरल है:
- आधिकारिक वेबसाइट mksy.up.gov.in पर जाएं।
- ‘नया पंजीकरण’ विकल्प चुनें और मोबाइल नंबर व कैप्चा भरें।
- आधार नंबर, जन्म प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण और आय प्रमाण अपलोड करें।
- फॉर्म सबमिट करने के बाद OTP से वेरीफाई करें।
- स्टेटस चेक करने के लिए लॉगिन करें।
हेल्पलाइन नंबर 1800-833-0100 पर संपर्क करें। आवेदन मुफ्त है और जागरूकता शिविर लगातार चल रहे हैं।
हालिया अपडेट और प्रभाव
रक्षाबंधन 2023 से राशि बढ़ोतरी हुई, जिससे 2026 में 3 लाख से अधिक लाभार्थियों को 130 करोड़ रुपये मिले। यह योजना लिंगानुपात सुधारने और ड्रॉपआउट दर घटाने में सफल रही है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में यह गरीब परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनी हुई है। अभिभावक आज ही आवेदन करें और अपनी बेटी के सपनों को पंख दें।















