राजस्थान के छात्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा 11वीं से लेकर उच्च शिक्षा तक पढ़ाई करने वाले आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को 15,000 रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। यह राशि सीधे छात्रों के बैंक खातों में आएगी। योजना का लक्ष्य शिक्षा में आने वाली आर्थिक रुकावटों को दूर करना है ताकि कोई मेधावी छात्र पढ़ाई बीच में न छोड़े। आवेदन की आखिरी तारीख 28 फरवरी तक बढ़ा दी गई है, लेकिन अभी भी लाखों छात्रों को जागरूक करने की जरूरत है।

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योजना का उद्देश्य और लाभ
यह योजना खासतौर पर अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को निशाना बनाती है। कक्षा 10वीं पास करने के बाद 11वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, बीएड, बीएससी, आईटीआई, नर्सिंग जैसे तमाम कोर्स करने वाले छात्र इसके हकदार हैं। सरकार मान्यता प्राप्त सरकारी या निजी संस्थानों में पढ़ने वालों को प्राथमिकता दे रही है। 15,000 रुपये की यह एकमुश्त राशि ट्यूशन फीस, किताबें खरीदने या अन्य पढ़ाई संबंधी खर्चों में काम आएगी। पिछले सालों में हजारों छात्रों ने इस मदद से अपनी पढ़ाई जारी रखी। इस बार भी सत्र 2025-26 के लिए आवेदन प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
विभाग का कहना है कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से पैसे जल्द पहुंचेंगे। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर जैसे शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के छात्र उत्साहित हैं। एक छात्र ने कहा कि यह राशि उनके परिवार पर बोझ कम करेगी। योजना से न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि पूरे समाज में शिक्षा का स्तर ऊंचा होगा।
कौन हैं पात्र छात्र?
राजस्थान के मूल निवासी छात्र ही आवेदन कर सकते हैं। पारिवारिक सालाना आय सीमा तय है – एससी वर्ग के लिए 2.5 लाख रुपये तक, ओबीसी के लिए 1 लाख रुपये तक। सामान्य और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए भी 1 लाख रुपये की सीमा है। बीपीएल कार्ड धारक, अंत्योदय परिवार, विधवा या तलाकशुदा महिलाओं के बच्चे, दिव्यांगों के बच्चे को अतिरिक्त लाभ मिलेगा। पिछली कक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। जो छात्र पहले से इस योजना का फायदा ले चुके हैं या अनियमित पढ़ाई कर रहे हैं, वे बाहर। यह सारी शर्तें इसलिए हैं ताकि सही जरूरतमंद तक मदद पहुंचे।
आवेदन की आसान प्रक्रिया
आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है। सबसे पहले एसएसओ पोर्टल पर अपना आईडी बनाएं या लॉगिन करें। फिर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की वेबसाइट पर उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति का विकल्प चुनें। नए आवेदकों को वन टाइम रजिस्ट्रेशन पूरा करना पड़ेगा। फॉर्म में व्यक्तिगत विवरण, कोर्स जानकारी भरें। दस्तावेज अपलोड करें और अंत में सबमिट कर दें। आवेदन का प्रिंटआउट जरूर निकाल लें। स्टेटस भी उसी पोर्टल से चेक करते रहें।
जरूरी कागजातों में जन आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जाति और निवास प्रमाण पत्र, पिछली मार्कशीट, बैंक पासबुक की कॉपी, फीस रसीद शामिल हैं। ये सभी दस्तावेज साफ स्कैन करके जेपीजी या पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड करें। गलत फॉर्मेट या अधूरी जानकारी से आवेदन रद्द हो सकता है। हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके मार्गदर्शन लें।
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महत्वपूर्ण तारीखें न चूकें
आवेदन नवंबर 2025 में शुरू हुए थे। पहले 31 जनवरी 2026 तय थी, लेकिन मांग पर इसे 28 फरवरी तक बढ़ा दिया गया। संस्थानों को भी कोर्स मैपिंग का समय मिला। सत्यापन के बाद मार्च-अप्रैल में पैसे खाते में आ जाएंगे। अभी 17 फरवरी को 11 दिन बाकी हैं, लेकिन देरी न करें। भीड़ बढ़ने पर सर्वर धीमा पड़ सकता है। भिलवाड़ा, नागौर जैसे जिलों में जागरूकता शिविर लग रहे हैं।
सावधानियां बरतें
फॉर्म भरते समय इंटरनेट कनेक्शन मजबूत रखें। फर्जी ऐप्स या वेबसाइट से बचें। दस्तावेजों की फोटोकॉपी पहले से तैयार रखें। आवेदन के बाद ईमेल या एसएमएस अलर्ट पर नजर रखें। अगर कोई समस्या हो तो नजदीकी स्कूल या कॉलेज के प्रभारी से बात करें। यह योजना शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाएगी। छात्र समय रहते आवेदन करें ताकि सुनहरा मौका हाथ से न निकले। अधिक अपडेट के लिए आधिकारिक पोर्टल चेक करते रहें।















