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UP Boring Online Registration & Form Apply: किसानों के खेतों में मुफ्त बोरिंग! सिंचाई के लिए सरकार देगी पूरी आर्थिक मदद; यहाँ से करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

सिंचाई की टेंशन खत्म! छोटे किसानों के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरें, 10 हज़ार तक की मदद पाएं। जल्दी अप्लाई करें वरना मौका हाथ से निकलेगा।

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उत्तर प्रदेश सरकार ने लघु एवं सीमांत किसानों को बड़ी राहत देते हुए निःशुल्क बोरिंग योजना को जोर-शोर से लागू किया है। योगी सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल से लाखों किसानों के खेतों में मुफ्त सिंचाई बोरिंग लगाई जाएगी, जिसमें पूरी आर्थिक मदद सरकार ही वहन करेगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न जिलों में हजारों किसानों को इसका लाभ मिलेगा, जिससे फसल उत्पादन में जबरदस्त वृद्धि की उम्मीद है। यह योजना सूखाग्रस्त इलाकों में किसानों की लंबे समय की मांग को पूरा करती है।

UP Boring Online Registration & Form Apply: किसानों के खेतों में मुफ्त बोरिंग! सिंचाई के लिए सरकार देगी पूरी आर्थिक मदद; यहाँ से करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

योजना का उद्देश्य और महत्व

मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत छोटे किसानों को सिंचाई की आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराना मुख्य लक्ष्य है। राज्य के ग्रामीण इलाकों में कई किसान पारंपरिक वर्षा पर निर्भर हैं, जिससे फसलें अक्सर प्रभावित होती हैं। इस योजना से खेतों में गहरे नलकूप बोरिंग कराई जाएगी, जो 250 फीट तक गहराई तक पानी निकाल सकेगी। इससे गेहूं, धान, दालें और सब्जियों जैसी फसलों की पैदावार में 20 से 30 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है।

सरकार का मानना है कि मजबूत सिंचाई व्यवस्था से किसानों की आय दोगुनी करने का सपना साकार होगा। योजना के तहत न केवल बोरिंग मुफ्त होगी, बल्कि पंप सेट और अन्य उपकरणों पर भी भारी सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक बोरिंग के साथ 25 पेड़ लगाना अनिवार्य किया गया है, जो भूजल स्तर को स्थिर रखने में मदद करेगा। यह कदम जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में भी सराहनीय है।

कौन ले सकता है लाभ?

यह योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर लघु एवं सीमांत किसानों के लिए है। आवेदक को उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए और उसके पास न्यूनतम 0.2 हेक्टेयर यानी 50 डिसमिल से लेकर 2.5 एकड़ तक कृषि भूमि होनी चाहिए। पीएम किसान सम्मान निधि या किसान पारदर्शी पोर्टल पर पहले से पंजीकृत किसान प्राथमिकता पाएंगे।

सामान्य वर्ग के किसानों के लिए प्रति जिला 2300 कोटा, एससी वर्ग के लिए 1400 कोटा निर्धारित है। एससी-एसटी किसानों को अधिकतम 10,000 रुपये का अनुदान, सीमांत किसानों को 7,000 रुपये और लघु किसानों को 5,000 रुपये मिलेंगे। महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आवेदक ने पहले किसी अन्य सिंचाई योजना का लाभ न लिया हो। महिलाएं और दिव्यांग किसान भी इस योजना के हकदार हैं, जिससे समावेशी विकास को बल मिलेगा।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन बेहद सरल है और इसे घर बैठे पूरा किया जा सकता है। सबसे पहले लघु सिंचाई विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होम पेज पर योजनाओं का सेक्शन चुनें और निःशुल्क बोरिंग योजना का फॉर्म डाउनलोड करें। फॉर्म में आधार कार्ड नंबर, खसरा-खतौनी नंबर, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की कॉपी और भूमि स्वामित्व दस्तावेज अपलोड करें।

फॉर्म जमा करने के बाद 15 दिनों के अंदर स्थानीय अधिकारी सत्यापन के लिए पहुंचेंगे। जांच पूरी होने पर स्वीकृति पत्र जारी होगा और बोरिंग कार्य तुरंत शुरू हो जाएगा। आवेदन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर स्वीकार होंगे, इसलिए देर न करें। किसी समस्या पर जिला लघु सिंचाई कार्यालय या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।

किसानों की प्रतिक्रिया और भविष्य की संभावनाएं

महाराजगंज जैसे जिलों में किसान संगठनों ने योजना का स्वागत किया है। एक किसान नेता ने कहा, ‘यह हमारे लिए वरदान है, अब सूखे का डर नहीं रहेगा।’ हालांकि कुछ किसानों को ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत हो रही है, जिसके लिए जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

योगी सरकार की यह पहल किसान कल्याण नीतियों का हिस्सा है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। आने वाले समय में योजना का दायरा बढ़ाकर बड़े किसानों को भी शामिल किया जा सकता है। कुल मिलाकर, यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का सशक्त माध्यम बनेगी। जल्द आवेदन करें और लाभ उठाएं!

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Author
info@divcomkonkan.in

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