उत्तर प्रदेश सरकार ने बच्चों और महिलाओं के कल्याण को मजबूत बनाने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में भारी भरकम भर्ती का ऐलान किया है। पूरे राज्य में 69,000 से अधिक पदों पर योग्य महिलाओं को मौका मिलेगा, जो ग्रामीण इलाकों में पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति देगा। 12वीं पास महिलाएं इस रोजगार के द्वार खुलने का इंतजार कर रही हैं, क्योंकि यह नौकरी न सिर्फ आर्थिक स्वावलंबन का जरिया है, बल्कि समाज सेवा का भी बड़ा प्लेटफॉर्म।

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क्यों है यह भर्ती खास?
यह भर्ती आंगनवाड़ी सिस्टम को और मजबूत करने का प्रयास है, जहां छोटे बच्चों की देखभाल से लेकर उनकी मांओं को जागरूक करने तक का काम होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां महिलाओं के लिए सीमित नौकरियां उपलब्ध होती हैं, वहां यह योजना सशक्तिकरण का प्रतीक बनेगी। पदों में कार्यकर्ता और सहायिका के रूप में बंटवारा होगा, जो स्थानीय स्तर पर ही भरा जाएगा। इससे न सिर्फ रोजगार बढ़ेगा, बल्कि गांव-गांव में पोषण स्तर भी सुधरेगा।
योग्यता के मानदंड
आवेदन करने वाली महिला उम्मीदवार को कम से कम 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होनी चाहिए। उम्र सीमा 18 से 45 वर्ष तक रखी गई है, जिसमें आरक्षित वर्गों को छूट का प्रावधान है। उम्मीदवार को उसी गांव या वार्ड की मूल निवासी होना जरूरी है, जहां केंद्र स्थित है। शादीशुदा महिलाओं के लिए ससुराल का प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा। इसके अलावा, कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान और स्थानीय भाषा में बातचीत की क्षमता फायदेमंद साबित होगी।
पदों का विवरण और वितरण
कुल वैकेंसी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के लगभग 8,500 पद और सहायिका के 60,500 पद शामिल हैं। ये 75 जिलों में फैले हुए हैं, जैसे वाराणसी, कानपुर, आगरा और मेरठ जैसे बड़े जिलों से लेकर छोटे ब्लॉकों तक। चयन प्रक्रिया मेरिट आधारित होगी, जिसमें शैक्षिक अंक और स्थानीय प्राथमिकता का ध्यान रखा जाएगा। दस्तावेज सत्यापन के बाद ही नियुक्ति पक्की होगी।
आवेदन कैसे करें?
ऑनलाइन आवेदन आधिकारिक पोर्टल के जरिए शुरू हो चुका है। सबसे पहले वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करें, जहां नाम, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर डालना होगा। फिर लॉगिन करके व्यक्तिगत विवरण, शैक्षिक प्रमाण पत्र, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें। आवेदन की अंतिम तिथि फरवरी तक है, इसलिए देरी न करें। आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज स्कैन करके तैयार रखें। फॉर्म भरने से पहले सभी निर्देश ध्यान से पढ़ लें।
वेतन और अन्य लाभ
चयनित महिलाओं को कार्यकर्ता पद पर मासिक 8,100 रुपये से 10,000 रुपये तक का मानदेय मिलेगा, जबकि सहायिका को 6,500 रुपये के आसपास। इसके अलावा प्रोत्साहन राशि, पेंशन योजना और मेडिकल सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। समय-समय पर ट्रेनिंग कैंप भी आयोजित होंगे, जो स्किल्स को निखारेंगे। यह नौकरी महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका देगी।
तैयारी के टिप्स
दस्तावेजों को व्यवस्थित रखें और स्थानीय केंद्रों की जानकारी इकट्ठा करें। ग्रामीण महिलाओं के लिए यह अवसर जीवन बदलने वाला है। जल्द आवेदन करें, क्योंकि सीटें तेजी से भर रही हैं। यह भर्ती न सिर्फ नौकरी, बल्कि समाज के निचले पायदान को ऊपर उठाने का माध्यम बनेगी। अवसर हाथ आए तो छोड़ें मत!















