केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 2.0 को नई ऊर्जा दी है। लाखों गरीब और ग्रामीण महिलाओं के लिए फ्री गैस कनेक्शन का यह सुनहरा अवसर फिर खुल गया है। घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से आसानी से आवेदन भरकर चूल्हा, रेगुलेटर, सेफ्टी होज और पहला रिफिल मुफ्त प्राप्त कर सकती हैं। यह योजना धुंए से मुक्ति देकर महिलाओं के स्वास्थ्य की रक्षा करती है।

Table of Contents
योजना का उद्देश्य और लाभ
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 2016 में शुरू हुई थी, जो अब उज्ज्वला 2.0 के रूप में विस्तारित हो चुकी है। इसका मुख्य लक्ष्य बीपीएल परिवारों, अनुसूचित जाति-जनजाति, वन निवासियों और मजदूर वर्ग की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना है। योजना के तहत नया कनेक्शन पूरी तरह निःशुल्क मिलता है। उसके बाद हर रिफिल पर 300 रुपये तक की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होती रहती है। अब तक करोड़ों कनेक्शन वितरित हो चुके हैं, जिससे ग्रामीण रसोईघरों में क्रांति आ गई है। महिलाओं को लकड़ी के चूल्हे से छुटकारा मिला और समय की बचत हुई।
कौन बन सकता है लाभार्थी?
यह योजना 18 वर्ष से अधिक उम्र की उन महिलाओं के लिए है, जिनके घर में पहले से कोई एलपीजी कनेक्शन न हो। प्राथमिकता गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को दी जाती है। एसईसीसी 2011 डेटा के आधार पर पात्रता तय होती है, लेकिन माइग्रेंट परिवारों और नए पात्रों को भी शामिल किया जा रहा है। यदि आपके घर में पहले से कनेक्शन है, तो रिफिल सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं। कुछ राज्यों में तीन मुफ्त रिफिल की विशेष सुविधा भी उपलब्ध है।
आवेदन की सरल प्रक्रिया
घर बैठे आवेदन भरना बेहद आसान है। सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पीएमयूवाई डॉट जीओवी डॉट इन पर जाएं। वहां ‘नया उज्ज्वला 2.0 कनेक्शन’ विकल्प चुनें। अपना राज्य और जिला सिलेक्ट करें। फॉर्म में नाम, मोबाइल नंबर, आधार विवरण, पूरा पता और बैंक खाता नंबर भरें। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और ओटीपी से सत्यापन पूरा करें। सबमिट करने पर रेफरेंस नंबर मिलेगा, जिससे स्थिति ट्रैक कर सकें। इंडेन, एचपी गैस या भारत गैस की आधिकारिक ऐप से भी प्रक्रिया पूरी हो जाती है।
ऑफलाइन विकल्प के तहत नजदीकी गैस एजेंसी या कॉमन सर्विस सेंटर पर फॉर्म जमा करें। वेरिफिकेशन के 10 से 15 दिनों में कनेक्शन घर पर डिलीवर हो जाता है। एसएमएस अलर्ट से पूरी जानकारी मिलती रहती है।
तीन सबसे जरूरी दस्तावेज
आवेदन के लिए आधार कार्ड पहली प्राथमिकता है, जो पहचान सत्यापन के काम आता है। दूसरा, राशन कार्ड जो परिवार की गरीबी रेखा वाली स्थिति साबित करता है। तीसरा, बैंक पासबुक या खाता विवरण, जिसमें सब्सिडी सीधे आएगी। इसके अलावा पासपोर्ट साइज फोटो और सक्रिय मोबाइल नंबर भी तैयार रखें। सभी जानकारी सटीक होनी चाहिए, वरना आवेदन रद्द हो सकता है।
सावधानियां और महत्वपूर्ण टिप्स
फर्जी वेबसाइटों और ऐप्स से सतर्क रहें। केवल आधिकारिक पोर्टल या एलपीजी कंपनियों की साइट्स का उपयोग करें। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त है, कोई दलाल या एजेंट को पैसे न दें। लाभार्थी सूची में नाम चेक करने के लिए पोर्टल पर लॉगिन करें। यह योजना स्वच्छ भारत अभियान का मजबूत स्तंभ है। गरीब महिलाएं जल्द आवेदन करें और स्वच्छ रसोई का लाभ उठाएं। समय रहते कदम उठाएं, वरना मौका हाथ से निकल सकता है।















