देश के सभी किसानों के लिए खुशखबरी है, केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना और सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) के तहत ट्रैक्टर खरीद पर 50% तक सब्सिडी का शानदार मौका मिल रहा है। यह स्कीम खासतौर पर छोटे-सीमांत किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है, जहां 45 HP या इससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टरों पर अधिकतम 3 लाख रुपये तक की सहायता सीधे बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से आती है।
एससी/एसटी और महिला किसानों को 40-90% तक लाभ मिल सकता है, जबकि सामान्य किसानों को 20-50%। महंगे ट्रैक्टर अब आधे दाम पर घर लाने का यह सुनहरा अवसर खेती को तेज, कुशल और डबल लाभकारी बना देगा। भारत के 86% छोटे किसान इस योजना से सीधे जुड़कर अपनी उत्पादकता 20-30% बढ़ा सकेंगे।

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योजना का उद्देश्य और प्रमुख लाभ
यह योजना खेती को पारंपरिक हल-बैल से आधुनिक मशीनीकरण की ओर ले जाने का मकसद रखती है। ट्रैक्टर से जुताई, रोपाई, कटाई और कुंडलन सब कुछ तेज हो जाता है, जिससे समय की बचत होती है और मजदूरी का खर्च कम पड़ता है। प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
- ट्रैक्टर की कीमत पर 20-50% सब्सिडी, जो हॉर्सपावर (HP) के आधार पर तय होती है।
- कम ब्याज वाले बैंक लोन की सुविधा, ताकि किसान बिना बोझ के खरीद सकें।
- पांच साल तक ट्रैक्टर न बेचने की शर्त पर स्थायी लाभ।
हरियाणा जैसे राज्यों में एससी किसानों को पूर्ण 3 लाख का अनुदान मिल रहा है, जो आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करेगा। छोटे किसान अब किराए के ट्रैक्टर पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि खुद के मालिक बनेंगे।
कौन उठा सकता है लाभ?
हर कोई नहीं, बल्कि चुनिंदा किसान ही इस योजना का फायदा ले पाएंगे। मुख्य शर्तें:
- जमीन की सीमा: 1-2 हेक्टेयर तक छोटे-सीमांत किसान प्राथमिकता में।
- उम्र: 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- पिछले 7-10 साल में कोई सरकारी ट्रैक्टर सब्सिडी न ली हो; एक परिवार से सिर्फ एक सदस्य पात्र।
आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, जमाबंदी/खसरा-खतौनी, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो और निवास प्रमाण पत्र। महाराष्ट्र के ऐरोली जैसे इलाकों में स्थानीय कृषि विभाग अतिरिक्त राज्य लाभ दे सकता है।
आवेदन प्रक्रिया क्या है?
ऑनलाइन आवेदन मात्र 10 मिनट में पूरा हो जाता है। चरणबद्ध तरीके से समझें:
- सबसे पहले आपको dbtagriculture.myscheme.gov.in या राज्य कृषि विभाग की साइट (जैसे agriharyana.gov.in, agriculture.up.gov.in) पर विजिट करना है।
- फिर आपको किसान कॉर्नर में ट्रैक्टर सब्सिडी चुनना है और आधार/मोबाइल से OTP वेरीफाई करना है।
- इसके बाद जरुरी जानकारी जैसे नाम, जमीन विवरण, बैंक IFSC कोड, अधिकृत डीलर का कोड दर्ज करना है।
- सभी आवश्यक दस्तावेज स्कैन कॉपीज संलग्न करें।
- आवेदन आईडी नोट करें; ट्रैक्टर खरीद पर 7-15 दिनों में सब्सिडी क्रेडिट हो जाती है।
हरियाणा-यूपी में फरवरी 2026 तक विंडो खुली है। सीएससी केंद्रों पर मुफ्त मदद लें और फर्जी एजेंटों से बचें।
राज्यवार सब्सिडी तुलना
| राज्य | अधिकतम सब्सिडी | विशेष नोट |
|---|---|---|
| हरियाणा | 3 लाख (एससी/एसटी) | नए साल से शुरू, एसबी 89 स्कीम |
| उत्तर प्रदेश | 2-3 लाख | 50% सभी के लिए उपलब्ध |
| मध्य प्रदेश | 50% तक | कृषि यंत्र भी शामिल |
| महाराष्ट्र | 20-40% | स्थानीय विभाग से संपर्क करें |
सावधानियां और अंतिम सलाह
केवल अधिकृत डीलर से ट्रैक्टर खरीदें, जो बीआईएस मानक का हो। सब्सिडी के बाद जीपीएस ट्रैकिंग जरूरी हो सकती है। नरेंद्र मोदी सरकार की यह डबल इंजन योजना 2026 में लाखों किसानों को सशक्त बनाएगी। किसान भाइयों, देर न करें, आज ही आवेदन करें, खेतों को सुपरचार्ज कर आत्मनिर्भर बनें। नजदीकी कृषि कार्यालय या हेल्पलाइन पर संपर्क करें। यह खेती की कमर दर्द से आजादी का समय है!















