बोर्ड परीक्षाओं का दबाव बढ़ते ही छात्र परेशान हैं, लेकिन दृष्टि आईएएस के संस्थापक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति का विशेष फॉर्मूला लाखों स्टूडेंट्स के लिए उम्मीद की किरण है। क्लास टॉपर बनने के इच्छुक युवाओं के लिए उनके ये पांच सीक्रेट टिप्स पढ़ाई का तरीका ही बदल देंगे। UPSC की कठिन तैयारी से निकले ये सुझाव बोर्ड एग्जाम में 90 प्रतिशत से ऊपर स्कोर दिलाने का दावा करते हैं।

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सख्त टाइम टेबल
डॉ. दिव्यकीर्ति का पहला मंत्र है प्रॉपर शेड्यूल बनाना। सुबह चार बजे उठें या रात चार बजे सोएं, लेकिन 10 से 12 घंटे फोकस्ड पढ़ाई जरूरी। उनका ट्रिपल 8 फॉर्मूला अपनाएं: आठ घंटे पढ़ाई, आठ घंटे नींद और आठ घंटे आराम या दैनिक काम। इससे बर्नआउट से बचाव होता है और महीने में चार-पांच छुट्टी वाले दिन सिलेबस पूरा रहता। बिना शेड्यूल के पढ़ाई अधर में लटक जाती, इसलिए इसे गांठ बांध लें।
रोजाना लिखने की आदत
दूसरा टिप है उत्तर लिखने की निरंतर प्रैक्टिस। बोर्ड परीक्षा में हैंडराइटिंग और प्रस्तुति से 20-30 प्रतिशत अंक बनते हैं। रोज चार-पांच सवालों के जवाब लिखें, क्वालिटी से ज्यादा मात्रा पर जोर दें। एनसीईआरटी किताबों से मजबूत आधार बनाएं और पिछले दस वर्षों के पेपर सॉल्व करें। इससे एग्जाम पैटर्न स्पष्ट हो जाता और आत्मविश्वास बढ़ता।
संडे रिवीजन डे
तीसरा रहस्य है रविवार को रिवीजन के लिए सुरक्षित रखना। इस दिन हाई वेटेज टॉपिक्स दोहराएं, माइंड मैप्स बनाएं। मनोविज्ञान के अनुसार तीन बार रिवीजन से कॉन्सेप्ट्स स्थायी मेमोरी में बस जाते। अखबार या न्यूज पर सिर्फ एक से डेढ़ घंटा बर्बाद न करें, पूरा समय पढ़ाई को दें। इससे अंतिम समय में घबराहट कम होती।
कॉन्सेप्ट समझें, रट्टा छोड़ें
चौथा टिप है रटने से बचकर कॉन्सेप्ट्स पर फोकस। कमजोर अध्यायों को छोटे हिस्सों में बांटें, गोल्स सेट करें। हर सवाल को हल करने लायक समझ विकसित करें। स्पीड बढ़ाने के लिए टाइमर के साथ प्रैक्टिस करें। टॉपर वही बनता जो बेस मजबूत रखता।
मजबूत माइंडसेट
पांचवां और सबसे महत्वपूर्ण है सकारात्मक सोच। ‘तोड़ेंगे नहीं तो छोड़ेंगे नहीं’ का जज्बा रखें। छोटे ब्रेक लें, कंसिस्टेंट रहें। बैलेंस्ड लाइफ ही लंबी दौड़ जिताती। इन टिप्स से न केवल बोर्ड क्रैक होगा, बल्कि जीवनभर सीखने की आदत पड़ेगी। छात्र आज से अमल शुरू करें, टॉपर्स की फेहरिस्त में नाम जुड़ेगा।















