सहारा इंडिया की कोऑपरेटिव सोसाइटियों में फंसे करोड़ों रुपये के निवेशकों को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। CRCS सहारा रिफंड पोर्टल पर अब ₹5 लाख तक के क्लेम स्वीकार हो रहे हैं। जिनका पहले क्लेम रिजेक्ट हुआ था, उनके लिए रि-सबमिशन की नई सरल प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में जानकारी दी कि जनवरी 2025 तक 11.61 लाख जमाकर्ताओं को 2025 करोड़ रुपये लौटा दिए गए हैं। यह कदम सहारा घोटाले से पीड़ित लाखों परिवारों के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है।

Table of Contents
पोर्टल का सफर और नई घोषणा
सुप्रीम कोर्ट के मार्च 2023 के आदेश पर सहकारिता मंत्रालय ने जुलाई 2023 में mocrefund.crcs.gov.in पोर्टल शुरू किया। पहले चरण में 10,000 रुपये, दूसरे में 50,000 रुपये तक रिफंड मिला। अब तीसरे चरण में 5 लाख तक के दावों पर काम तेज हो गया है। दिसंबर 2026 तक 32 लाख क्लेमर को 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा रिफंड देने का लक्ष्य है। पहले रिजेक्ट क्लेम वाले निवेशक अब नई प्रक्रिया से फायदा उठा सकते हैं। सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आधार आधारित वेरीफिकेशन को अनिवार्य किया है।
कौन आवेदन कर सकता है?
सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारायन यूनिवर्सल मल्टी परपज सोसाइटी, स्टार सहारा क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड और भग्यश्री सहारा क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड के जमाकर्ता पात्र हैं। अधिकतम 5 लाख रुपये जमा वाले निवेशक क्लेम कर सकते हैं। आधार कार्ड से लिंक्ड बैंक खाता जरूरी है। फर्जी दावों को रोकने के लिए सख्त जांच प्रक्रिया है, जिसमें 30 दिनों में वेरिफिकेशन और 15 दिनों में एसएमएस अलर्ट शामिल है। जिन्होंने पहले आवेदन किया था लेकिन दस्तावेजों में कमी थी, वे रि-सबमिशन से लाभान्वित होंगे।
रि-सबमिशन की स्टेप बाय स्टेप प्रक्रिया
नई प्रक्रिया बेहद आसान बनाई गई है। सबसे पहले पोर्टल पर जाकर जमाकर्ता लॉगिन विकल्प चुनें। मोबाइल नंबर या आधार से नया रजिस्ट्रेशन करें या पुराने आवेदकों के लिए पुनः लॉगिन का ऑप्शन इस्तेमाल करें। इसके बाद सोसाइटी का नाम, पासबुक या सर्टिफिकेट नंबर, जमा राशि और बैंक डिटेल्स भरें। पासबुक की स्कैन कॉपी, आईडी प्रूफ और अन्य जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। आवेदन सबमिट करने के बाद रिफंड स्टेटस चेक से ट्रैक करें। स्वीकृति पर राशि सीधे बैंक खाते में आ जाएगी।
निवेशकों के लिए जरूरी सलाह
लाखों प्रभावित लोग वर्षों से इंतजार कर रहे थे। तुरंत पोर्टल पर आवेदन करें क्योंकि फंड सीमित हैं और प्रक्रिया चरणबद्ध है। दस्तावेज पूरे रखें ताकि रिजेक्शन न हो। सरकार की यह पहल न केवल आर्थिक मदद देगी बल्कि पीड़ितों का भरोसा भी बहाल करेगी। सहारा कांड के शिकार परिवारों के लिए यह नया साल नई उम्मीद लेकर आया है। जल्दबाजी न करें लेकिन देरी भी न करें। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल ही चेक करें।















