गर्मियों की तपिश में एयर कंडीशनर अब हर घर की जरूरत बन गया है। लेकिन हर महीने आने वाला हजारों रुपये का बिजली बिल परिवार की कमर तोड़ देता है। अब एक आसान उपाय सामने आया है- छत पर सोलर पैनल लगाकर न सिर्फ AC बल्कि पूरा घर फ्री बिजली से चलाइए। पंजाब जैसे धूप वाले इलाके में यह तरीका लाखों परिवारों के लिए वरदान साबित हो रहा है। बस सही प्लानिंग और थोड़ी समझदारी चाहिए।

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सोलर से कैसे चलेगा AC?
एक आम 1 टन इन्वर्टर एयर कंडीशनर दिन में 8-10 घंटे चलाने पर करीब 10 से 20 यूनिट बिजली खर्च करता है। 1.5 टन वाला इससे दोगुना ले लेता है। सोलर पैनल धूप में बिजली बनाते हैं जो सीधे AC या घर के उपकरण चला सकते हैं। दिन में अच्छी धूप मिले तो 5 किलोवाट का सिस्टम रोज 20 से 25 यूनिट बिजली पैदा कर देता है। इससे AC के साथ फ्रिज, पंखे और लाइटें भी कवर हो जाती हैं। नेट मीटरिंग सिस्टम से जो बिजली बचेगी वह बिजली कंपनी को बिक जाएगी और रात का लोड उसी से एडजस्ट हो जाएगा। नतीजा बिल शून्य।
कितना सिस्टम लगवाएं?
आपके घर के बिल पर निर्भर करता है। अगर मासिक खपत 300 से 500 यूनिट है तो 5 किलोवाट का ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम बिल्कुल सही रहेगा। इसमें 12 से 15 हाई क्वालिटी पैनल लगते हैं। 1 टन AC के लिए 3 से 4 किलोवाट काफी लेकिन पूरा घर चलाने को 5 से 6 किलोवाट चुनें। पंजाब में सालाना 1600 से ज्यादा धूप वाले दिन मिलते हैं इसलिए उत्पादन शानदार रहता है। छत पर कम से कम 500 वर्ग फुट जगह होनी चाहिए। 3 से 5 किलोवाट बिजली कनेक्शन वाले घर ही इसके लिए योग्य हैं।
लागत और बचत का हिसाब
5 किलोवाट सिस्टम लगाने की कीमत 2 से 2.5 लाख रुपये आती है। सरकारी सब्सिडी मिलने पर यह 1 से 1.5 लाख तक सस्ता हो जाता है। केंद्र की योजना में 3 किलोवाट तक 78 हजार रुपये की मदद मिलती है। बैंक लोन भी आसानी से उपलब्ध है। निवेश 5 से 7 साल में वसूल हो जाता है। उसके बाद हर महीने हजारों रुपये की बचत। पर्यावरण को भी फायदा क्योंकि कार्बन उत्सर्जन रुकता है। बैटरी वाला ऑफ ग्रिड सिस्टम कटौती वाले इलाकों के लिए बेहतर लेकिन इसकी कीमत दोगुनी है।
लगवाने से पहले ये ध्यान रखें
सबसे पहले अपने पिछले तीन महीने के बिल चेक करें। लोकल इंस्टॉलर से मुफ्त सर्वे करवाएं। अच्छे ब्रांड जैसे वारी या लूम सोलर चुनें। बिजली विभाग से नेट मीटरिंग के लिए आवेदन करें जो 20 दिनों में लग जाता है। 5 स्टार रेटिंग वाला इन्वर्टर AC लें क्योंकि यह कम बिजली खाता है। रखरखाव आसान है साल में एक बार सफाई काफी। गलत साइजिंग से बचें वरना अपेक्षा पूरी न हो।
असल कहानियां दे रही प्रेरणा
लुधियाना के हरप्रीत सिंह ने 4 किलोवाट सिस्टम लगाया। गर्मी में दो AC चलाने के बावजूद बिल महज 50 रुपये आया। इसी तरह जालंधर की एक फैमिली ने 6 किलोवाट लगाकर सालाना 50 हजार बचाए। ये उदाहरण बता रहे हैं कि सोलर अब सपना नहीं हकीकत है। सरकार भी प्रोत्साहन दे रही है।
गर्मी का मौसम नजदीक आ रहा है। देर न करें सोलर लगवाकर बिल की चिंता खत्म करें। स्वच्छ ऊर्जा से न सिर्फ पैसे बचेंगे बल्कि स्वस्थ भविष्य भी बनेगा। सही कदम उठाएं और गर्मी को मात दें।















