राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में अहम बदलाव करते हुए मासिक राशि को 1250 रुपये से बढ़ाकर 1300 रुपये कर दिया है। यह 50 रुपये की वृद्धि प्रदेश के करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए वरदान साबित होगी। फरवरी से ही लाभार्थियों के बैंक खातों में नई राशि पहुंचने लगेगी, जिससे बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों का जीवन थोड़ा आसान हो जाएगा।

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क्यों लिया गया यह फैसला?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार ने न्यूनतम आय गारंटी कानून के तहत यह कदम उठाया है। महंगाई की मार झेल रहे कमजोर वर्गों को ध्यान में रखते हुए 1 जनवरी 2026 से यह व्यवस्था लागू हो गई। करीब 91 लाख पेंशनभोगी इससे सीधे जुड़े हैं, जिनमें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और लघु-सीमांत किसानों की पेंशन शामिल हैं। सरकार को इससे सालाना 550 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च तो करना पड़ेगा, लेकिन जनकल्याण को प्राथमिकता दी गई है। ग्रामीण इलाकों में जहां आय के स्रोत सीमित हैं, वहां यह राशि परिवारों का बड़ा सहारा बनेगी।
पहले की तुलना में कितना बदलाव?
पिछले कुछ वर्षों में पेंशन राशि लगातार बढ़ती रही है। पहले यह 500-750 रुपये के बीच थी, जो 2023 में 1000 रुपये हो गई। फिर 2025-26 के बजट में 1250 रुपये तक पहुंची। अबकी बार 1300 रुपये की यह व्यवस्था जीवनयापन की बढ़ती लागत को कवर करने में मदद करेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे स्थानीय बाजार में भी हलचल बढ़ेगी, क्योंकि पैसे सीधे जरूरी खर्चों पर लगेंगे। राजनीतिक दृष्टि से भी यह ग्रामीण मतदाताओं को मजबूत संदेश देता है।
लाभार्थियों पर क्या असर पड़ेगा?
ग्रामीण राजस्थान के ज्यादातर पेंशनधारक गांवों में रहते हैं, जहां यह राशि किराना, दवा और बुनादी जरूरतों को पूरा करती है। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर जैसे जिलों में हजारों परिवारों को फायदा होगा। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से भुगतान तेज और पारदर्शी हो गया है। हालांकि, कुछ जगहों पर आधार लिंकिंग या बैंक खाते सत्यापन में दिक्कतें आती रहती हैं। जनवरी में सोशल मीडिया पर पेंशन बंद होने की अफवाहें उड़ी थीं, लेकिन सरकार ने उन्हें साफ कर दिया। अब डिजिटल सिस्टम को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि कोई वंचित न रहे।
आवेदन कैसे करें?
- सबसे पहले जन आधार कार्ड बनवाएं, जो पात्रता का आधार है।
- स्थानीय ई-मित्र केंद्र या पंचायत कार्यालय पर जाकर फॉर्म भरें।
- जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक और आय प्रमाण-पत्र संलग्न करें।
- आवेदन जमा करने के बाद ssp.rajasthan.gov.in पर स्थिति जांचें।
- स्वीकृति मिलने पर हर माह बैंक खाते में पेंशन आ जाएगी।
आगे की राह क्या?
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों का हित हमारी प्राथमिकता है। आने वाले बजट में और कल्याणकारी कदमों की उम्मीद है। समाजसेवी संगठन इसे सकारात्मक मानते हैं, लेकिन 1500 रुपये तक बढ़ोतरी की मांग भी कर रहे हैं। कुल मिलाकर, यह फैसला राजस्थान के सामाजिक सुरक्षा जाल को मजबूत करेगा। पेंशनधारक अब निश्चिंत हो सकते हैं। अधिक अपडेट के लिए सरकारी वेबसाइट चेक करते रहें।















