अगर आप पंजाब नेशनल बैंक के खाताधारक हैं, तो कान खड़े कर लीजिए। बैंक ने 1 अक्टूबर 2025 से कई महत्वपूर्ण सेवाओं पर शुल्क बढ़ा दिए हैं। चेक रोकने, लॉकर किराए, स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन की असफलता और नामांकन जैसे क्षेत्रों में बदलाव हुए हैं। ये कदम ग्राहकों की जेब ढीली कर सकते हैं, हालांकि कुछ मामलों में राहत भी मिली है। चलिए विस्तार से समझते हैं कि ये बदलाव आपके दैनिक बैंकिंग को कैसे प्रभावित करेंगे।

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चेक स्टॉप पेमेंट
PNB ने चेक भुगतान रोकने के चार्ज को और सख्त बना दिया है। पहले एक चेक रोकने पर 100 रुपये लगते थे, जबकि तीन या इससे ज्यादा पर 300 रुपये। लेकिन अब नियम बदल चुके हैं। एक चेक पर कोई इजाफा नहीं, यानी अभी भी 100 रुपये ही। मगर पांच या इससे अधिक चेक रोकवाने पर फ्लैट 500 रुपये का चार्ज कटेगा।
यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू है। अगर आप व्यवसायी हैं या अक्सर चेक जारी करते हैं, तो अब दोहरी सावधानी बरतनी पड़ेगी। गलती से चेक जारी हो गया तो रोकने का खर्चा भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि डिजिटल पेमेंट्स जैसे UPI या NEFT को प्राथमिकता दें, ताकि स्टॉप पेमेंट की जरूरत ही न पड़े। इस नियम से बैंक की गलत चेक जारी करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने का इरादा साफ झलकता है।
बैंक लॉकर किराया
बैंक लॉकर का किराया अब आपकी शाखा की लोकेशन और लॉकर के आकार पर निर्भर करेगा। ग्रामीण, अर्ध-शहरी, शहरी और मेट्रो क्षेत्रों के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं। महत्वपूर्ण बात, ये नए शुल्क 1 जनवरी 2026 से अमल में आएंगे, इसलिए अभी से तैयारी शुरू कर दें।
नीचे दी गई तुलनात्मक जानकारी से साफ है कि बड़े लॉकरों पर सबसे ज्यादा बोझ पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में लार्ज साइज लॉकर का किराया दोगुना हो गया है। सोने-चांदी रखने वाले परिवारों को अब बजट रिव्यू करना होगा।
| लॉकर साइज | ग्रामीण क्षेत्र | अर्ध-शहरी (पुराना दर ब्रैकेट में) | शहरी/मेट्रो (पुराना दर ब्रैकेट में) |
|---|---|---|---|
| छोटा (Small) | 1,000 रुपये (कोई बदलाव नहीं) | 1,500 रुपये (1,250 रुपये) | 2,000 रुपये (कोई बदलाव नहीं) |
| मीडियम | 2,500 रुपये (2,200 रुपये) | 3,000 रुपये (2,500 रुपये) | 4,000 रुपये (3,500 रुपये) |
| बड़ा (Large) | 4,000 रुपये (2,500 रुपये) | 5,000 रुपये (3,000 रुपये) | 6,500 रुपये (शहरी)/7,000 रुपये (मेट्रो, 5,500 रुपये) |
| बहुत बड़ा (V Large) | 6,000 रुपये (कोई बदलाव नहीं) | 7,000 रुपये (6,000 रुपये) | 8,500 रुपये (शहरी)/9,000 रुपये (मेट्रो, 8,000 रुपये) |
| एक्स्ट्रा लार्ज (E Large) | 10,000 रुपये (कोई बदलाव नहीं) | 10,500 रुपये (10,000 रुपये) | 11,000 रुपये (शहरी)/12,000 रुपये (मेट्रो, 10,000 रुपये) |
ग्रामीण इलाकों में निवेशकों को विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यहां इजाफा चिंताजनक है। लॉकर लेने से पहले अपनी शाखा से संपर्क करें और जरूरी कागजात अपडेट रखें।
SI फेलियर और नामांकन शुल्क
स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन (SI) फेल होने पर अब हर महीने 100 रुपये प्लस जीएसटी कटेगा। अगर खाते में पर्याप्त बैलेंस न हो, तो बिल भुगतान या ईएमआई जैसे ऑटो डेबिट रुक जाएंगे और पेनल्टी लगेगी। पहले यह चार्ज अलग-अलग आधार पर था, लेकिन अब फ्लैट रेट सरल लेकिन महंगा है।
नामांकन और लॉकर रजिस्ट्रेशन पर भी बदलाव आया है। शहरी या मेट्रो शाखाओं में बड़े लॉकरों के लिए एकमुश्त 1,000 रुपये, जबकि ग्रामीण-अर्ध शहरी में 200 रुपये ही रहेंगे। नामांकन चार्ज में मामूली बढ़ोतरी हुई है। ये कदम बैंक को ऑपरेशनल खर्च नियंत्रित करने में मदद करेंगे।
ग्राहकों के लिए व्यावहारिक सलाह और सावधानियां
इन बदलावों से बचाव के लिए तुरंत कदम उठाएं। सबसे पहले PNB मोबाइल ऐप या नेट बैंकिंग से अपनी शाखा का लॉकर साइज और मौजूदा चार्ज चेक करें। चेकबुक का कम इस्तेमाल करें और डिजिटल विकल्प अपनाएं। SI के लिए हमेशा अतिरिक्त बैलेंस रखें ताकि फेलियर न हो।
नामांकन अपडेट कराना न भूलें, क्योंकि यह मुफ्त या कम खर्च में सुरक्षा प्रदान करता है। जीएसटी हर चार्ज पर अतिरिक्त लगेगा, इसलिए कुल खर्चा जोड़कर देखें। अगर लॉकर छोड़ने का मन हो, तो शाखा से प्रक्रिया पूछें। बैंक की यह नीति लागत प्रबंधन पर केंद्रित है, लेकिन ग्राहक जागरूक रहें तो नुकसान कम हो सकता है।
PNB के लाखों ग्राहक इन बदलावों से प्रभावित होंगे। देरी न करें, आज ही अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग रिवाइज करें। सुरक्षित बैंकिंग के लिए सतर्क रहें!















