पारंपरिक कारीगरों के लिए केंद्र सरकार की पीएम विश्वकर्मा योजना एक वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत कारीगरों को 15,000 रुपये का टूलकिट वाउचर, मुफ्त कौशल प्रशिक्षण और रोजाना 500 रुपये का भत्ता मिल रहा है। इससे वे आधुनिक उपकरणों से लैस होकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। 17 सितंबर 2023 को शुरू हुई यह पहल 18 पारंपरिक व्यवसायों जैसे बढ़ई, लोहार, सुनार, दर्जी और राजमिस्त्री को कवर करती है। 2024 तक 24.77 लाख से अधिक कारीगर लाभान्वित हो चुके हैं, जिनमें पंजाब सहित उत्तर भारत के लाखों लोग शामिल हैं।

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योजना के प्रमुख लाभ
योजना का पहला चरण बेसिक ट्रेनिंग पर केंद्रित है, जो 5 से 7 दिनों की होती है। इसे पूरा करने पर 15,000 रुपये का ई-वाउचर जारी होता है, जिससे आधुनिक टूलकिट खरीदा जा सकता है। ट्रेनिंग के दौरान प्रतिदिन 500 रुपये का भत्ता दिया जाता है। इसके बाद उन्नत प्रशिक्षण (15 दिन) में अतिरिक्त 7,500 रुपये की सहायता मिलती है।
लंबे समय में कम ब्याज पर 1 लाख से 3 लाख रुपये तक का लोन, बाजार लिंकेज और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने की सुविधा भी उपलब्ध है। पाटलिपutra के एक लोहार कारीगर ने कहा, “इस मदद से मेरा काम दोगुना हो गया, अब परिवार का भविष्य सुरक्षित है।” यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है, खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में।
पात्रता मानदंड
कम से कम एक वर्ष से पारंपरिक काम करने वाले 18 वर्ष से अधिक आयु के कारीगर इस योजना के हकदार हैं। आधार कार्ड, बैंक खाता और बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य है। महिलाओं, एससी/एसटी वर्ग और ग्रामीण कारीगरों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। लगभग 30 लाख परिवारों तक यह लाभ पहुंचने की संभावना है। कोई आय सीमा नहीं है, बस कौशल सिद्ध करना होता है।
रजिस्ट्रेशन का सबसे आसान तरीका
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बेहद सरल है और महज 10 मिनट में मोबाइल से पूरा हो जाता है।
- आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in पर जाएं या PM विश्वकर्मा ऐप डाउनलोड करें।
- ‘रजिस्टर’ बटन पर क्लिक करें और आधार नंबर व मोबाइल नंबर दर्ज कर OTP से वेरीफाई करें।
- व्यक्तिगत विवरण, 18 ट्रेड्स में से अपना व्यवसाय चुनें और बैंक खाता जोड़ें। ई-केवाईसी स्वतः हो जाएगा।
- नजदीकी CSC केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन कराएं, फिर ट्रेनिंग शेड्यूल प्राप्त करें।
जरूरी दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक पासबुक, फोटो और यदि लागू हो तो जाति प्रमाणपत्र। आवेदन की स्थिति ‘ट्रैक एप्लीकेशन’ से चेक करें। प्रक्रिया निशुल्क है, कोई दलाली न करें। ट्रेनिंग में 80 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी है, वरना वाउचर रद्द हो सकता है।
चुनौतियां और आगे की राह
2.7 करोड़ से अधिक आवेदन आने के बावजूद जागरूकता की कमी एक समस्या है। ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच बढ़ाने के लिए सेमिनार और कैंप लगाए जा रहे हैं। 2026 में योजना का विस्तार होगा, जिससे और अधिक कारीगर लाभान्वित होंगे। पीएम विश्वकर्मा योजना कारीगरों की खोई चमक लौटा रही है। यदि आप कारीगर हैं, तो देर न करें आज ही रजिस्टर करें और नया जीवन शुरू करें!















