
देश के अन्नदाताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान’ यानी PM-KUSUM योजना गेम चेंजर साबित हो रही है इस योजना के माध्यम से किसान अपनी बंजर या कम उपजाऊ जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर हर साल लाखों रुपये की कमाई कर सकते हैं, सबसे खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार 90% तक की वित्तीय सहायता (सब्सिडी और लोन के रूप में) प्रदान कर रही है।
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बंजर जमीन बनेगी कमाई का जरिया
अक्सर किसानों के पास ऐसी जमीन होती है जो खेती के योग्य नहीं होती। पीएम कुसुम योजना के तहत ऐसी भूमि पर 500 किलोवाट से लेकर 2 मेगावाट तक के सोलर प्लांट लगाए जा सकते हैं। इससे न केवल सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली मिलेगी, बल्कि अतिरिक्त बिजली को सरकारी ग्रिड (DISCOMs) को बेचकर किसान 25 वर्षों तक एक तय आय सुनिश्चित कर सकते हैं।
सब्सिडी का गणित: जेब से लगेगा मात्र 10% पैसा
इस योजना का वित्तीय ढांचा बेहद आकर्षक है:
- 60% सब्सिडी: केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कुल लागत का 60% हिस्सा वहन करती हैं।
- 30% बैंक लोन: सोलर प्लांट लगाने के लिए बैंक से 30% तक का सस्ता ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
- 10% किसान का हिस्सा: लाभार्थी किसान को प्रोजेक्ट की कुल लागत का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा ही अपनी जेब से निवेश करना होता है।
लीज पर जमीन देकर भी मोटी कमाई
यदि किसान के पास खुद निवेश करने की क्षमता नहीं है, तो वह अपनी जमीन किसी डेवलपर को लीज (किराए) पर दे सकता है, विभिन्न राज्यों के आंकड़ों के अनुसार, इससे किसान को ₹25,000 से लेकर ₹80,000 प्रति हेक्टेयर तक का वार्षिक किराया मिल सकता है।
आवेदन की प्रक्रिया और पात्रता
योजना का लाभ लेने के लिए किसान व्यक्तिगत रूप से, किसानों के समूह (FPO) या सहकारी समितियों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
- दस्तावेज: आधार कार्ड, भूमि के कागजात, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर अनिवार्य हैं।
- रजिस्ट्रेशन: इच्छुक लाभार्थी नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की आधिकारिक वेबसाइट pmkusum.mnre.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
सरकार ने चेतावनी जारी की है कि इस योजना के नाम पर कई फर्जी वेबसाइटें सक्रिय हैं, आवेदक केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल या अपनी राज्य नोडल एजेंसी के जरिए ही आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।















