प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में उत्तर प्रदेश के करीब 18 लाख 90 हजार किसानों के नाम लाभार्थी सूची से कट गए हैं। 21वीं किस्त के दौरान सामने आया यह आंकड़ा लाखों किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है। 20वीं किस्त में यूपी के 2.34 करोड़ किसान लाभान्वित हुए थे, लेकिन 21वीं में संख्या घटकर 2.15 करोड़ रह गई।

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सत्यापन अभियान की सख्ती
सरकार के देशव्यापी सत्यापन अभियान ने डुप्लिकेट एंट्री, गलत भूमि रिकॉर्ड और अयोग्य लाभार्थियों को चिह्नित किया। योजना केवल छोटे व सीमांत किसानों के लिए है, इसलिए उच्च आय वर्ग, संस्थागत भूमि धारक या एक परिवार के कई सदस्य बाहर हो गए। पूरे देश में 70 लाख नाम हटाए गए, जिसमें उत्तर प्रदेश सबसे अधिक प्रभावित रहा। ज्यादातर मामलों में यह स्थायी नहीं है। भौतिक सत्यापन या अपील से नाम बहाल हो सकते हैं।
22वीं किस्त का खतरा
21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी हुई, जिसमें 9 करोड़ किसानों को 18,000 करोड़ रुपये मिले। अब 22वीं किस्त फरवरी-मार्च 2026 में आने वाली है। लेकिन नाम कटने या eKYC अधूरा रहने पर 2,000 रुपये की राशि रुक सकती है। यूपी के किसान तुरंत जांच करें, वरना आर्थिक नुकसान हो सकता है। समय रहते सुधार करवाएं तो समस्या हल हो जाएगी।
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स्टेटस चेक करें!
आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर सिर्फ 2 मिनट में पता लगाएं। पहले होमपेज पर ‘Beneficiary Status’ या ‘Know Your Status’ लिंक ढूंढें। आधार नंबर, मोबाइल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर डालें। कैप्चा भरें और OTP से वेरिफाई करें। स्क्रीन पर स्टेटस दिखेगा, जिसमें पेंमेंट डिटेल्स, बैंक नाम व UTR नंबर शामिल होंगे।
लाभार्थी सूची देखने के लिए राज्य, जिला, ब्लॉक व गांव चुनें। अगर नाम लिस्ट में है तो चिंता न करें, इंतजार करें। लेकिन अनुपस्थिति पर तत्काल कार्रवाई जरूरी।
क्या करें आगे?
सबसे पहले eKYC पूरा करें आधार से OTP, फेस ऑथेंटिकेशन या बायोमेट्रिक का इस्तेमाल करें। बैंक खाता विवरण अपडेट करें। नजदीकी CSC सेंटर जाएं या पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। सुधार के बाद नाम दोबारा जुड़ जाएगा। सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, ताकि वास्तविक किसानों को लाभ मिले।
किसान भाइयों, देरी न करें। 22वीं किस्त से पहले स्टेटस चेक कर लें। यह योजना किसानों की आर्थिक मदद के लिए है, लेकिन नियमों का पालन अनिवार्य। जागरूक रहें, लाभ उठाएं।















