
भारत विविधताओं का देश है, जहाँ 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश अपनी अलग पहचान रखते हैं। इन सभी में ‘उत्तर भारत’ का जिक्र सबसे ज्यादा होता है, क्योंकि इतिहास गवाह है कि मगध साम्राज्य से लेकर मुगलों और अंग्रेजों तक, सत्ता का मुख्य केंद्र यही इलाका रहा है। हालांकि, ऐतिहासिक रूप से इतना प्रभावशाली होने के बावजूद, जब इसकी सटीक भौगोलिक सीमाओं की बात आती है, तो आज भी बहुत से लोग उलझन में पड़ जाते हैं।
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उत्तर भारत का विशाल भूगोल
अक्सर लोग केवल दिल्ली, राजस्थान या उत्तर प्रदेश को ही उत्तर भारत का हिस्सा मान लेते हैं, लेकिन वास्तविकता में इसका भौगोलिक विस्तार बहुत बड़ा है। उत्तर भारत का नक्शा हिमालय की ऊंची बर्फीली चोटियों से शुरू होकर, राजस्थान के विशाल रेगिस्तानों और गंगा के उपजाऊ मैदानी इलाकों तक फैला हुआ है। कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अनूठे संगम से बनने वाला यह क्षेत्र अपनी सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधता के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
उत्तर भारत के राज्य सांस्कृतिक और रणनीतिक पहचान
अगर आपसे कोई पूछे कि उत्तर भारत में कुल कितने राज्य हैं, तो अब आपको उलझन में पड़ने की ज़रूरत नहीं है। यह क्षेत्र न केवल अपनी विशाल भौगोलिक सीमाओं के लिए जाना जाता है, बल्कि सांस्कृतिक और रणनीतिक रूप से भी बेहद खास है। आइए, इस दुविधा को दूर करते हैं और उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बारे में विस्तार से जानते हैं, जो उत्तर भारत के इस समृद्ध और प्रभावशाली हिस्से को आकार देते हैं।
उत्तर भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश
उत्तर भारत का भौगोलिक विस्तार काफी बड़ा है, जिसमें कुल 6 राज्य और 4 केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं। इन सभी का विवरण नीचे दिया गया है:
उत्तर भारत के 6 राज्य:
- हिमाचल प्रदेश
- उत्तराखंड
- उत्तर प्रदेश
- राजस्थान
- पंजाब
- हरियाणा
उत्तर भारत के 4 केंद्र शासित प्रदेश:
- दिल्ली
- चंडीगढ़
- जम्मू-कश्मीर
- लद्दाख
उत्तर भारत का प्रवेश द्वार
6 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों से मिलकर बना उत्तर भारत अपने आप में एक विशाल क्षेत्र है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस पूरे क्षेत्र का प्रवेश द्वार किसे माना जाता है? वह और कोई नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली है। दिल्ली न केवल उत्तर भारत का मुख्य केंद्र है, बल्कि यह आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से भी पूरे क्षेत्र को आपस में जोड़ती है।
उत्तर भारत का संक्षिप्त परिचय
| क्षेत्र | संख्या | नाम |
| राज्य | 6 | हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा |
| केंद्र शासित प्रदेश | 4 | दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख |
| प्रवेश द्वार | 1 | दिल्ली |
मुगलों और अंग्रेजों की सत्ता का केंद्र
उत्तर भारत का इतिहास भारत की राजनीति और शक्ति का इतिहास रहा है। आगरा और दिल्ली जैसे शहर सदियों तक सत्ता के मुख्य केंद्र बने रहे। मुगलों के शासनकाल में लंबे समय तक आगरा उनकी राजधानी रहा, जिसे बाद में रणनीतिक कारणों से दिल्ली स्थानांतरित (Shift) कर दिया गया। ब्रिटिश काल में भी दिल्ली की अहमियत बरकरार रही और अंग्रेजों ने इसे अपनी राजधानी बनाकर पूरे देश पर नियंत्रण रखा।
प्राचीन सभ्यताओं और साम्राज्यों की जन्मस्थली
उत्तर भारत का इतिहास केवल मुगलों या अंग्रेजों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह प्राचीन विश्व की महान सभ्यताओं का पालना रहा है। दुनिया की सबसे पुरानी शहरी सभ्यताओं में से एक, सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization), इसी क्षेत्र के उपजाऊ मैदानों में फली-फूली। इसके बाद, भारतीय इतिहास के स्वर्ण युग की नींव रखने वाले मगध, मौर्य और गुप्त साम्राज्य का उदय और विस्तार भी इसी पावन धरती पर हुआ, जिसने भारत को एक नई सांस्कृतिक और राजनीतिक पहचान दी।
प्रमुख प्राचीन साम्राज्य और सभ्यताएँ
- सिंधु घाटी सभ्यता: हड़प्पा और राखीगढ़ी जैसे प्रमुख केंद्र।
- मगध साम्राज्य: प्राचीन भारत का सबसे शक्तिशाली महाजनपद।
- मौर्य राजवंश: सम्राट चंद्रगुप्त और अशोक की महान विरासत।















