
ऑटोमोबाइल सेक्टर में क्रांति लाते हुए जापानी दिग्गज कंपनी Nissan ने एक ऐसी तकनीक पेश की है जो इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की दुनिया को पूरी तरह बदल सकती है, निसान ने अपनी लोकप्रिय कारों, Ariya और Sakura के कॉन्सेप्ट मॉडल्स में उन्नत सोलर चार्जिंग तकनीक का प्रदर्शन किया है, कंपनी का दावा है कि यह कार सूरज की रोशनी से खुद को चार्ज कर साल भर में 3,000 किलोमीटर तक की अतिरिक्त ‘फ्री रेंज’ देने में सक्षम है।
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ग्रिड चार्जिंग की निर्भरता होगी खत्म
निसान की इस नई तकनीक का मुख्य उद्देश्य बाहरी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और पेट्रोल पंपों पर निर्भरता को कम करना है, यदि आप रोजाना कम दूरी (जैसे ऑफिस या बाजार) के लिए कार का उपयोग करते हैं, तो इस सोलर सिस्टम की मदद से आपको बैटरी को बिजली से चार्ज करने की जरुरत ही नहीं पड़ेगी।
कैसे काम करती है यह तकनीक?
- Nissan Ariya के बोनट, छत और पिछले हिस्से पर करीब 3.8 वर्ग मीटर के उच्च-दक्षता वाले फोटोवोल्टिक पैनल लगाए गए हैं।
- कार पार्क होने के दौरान या चलते समय भी सूरज की किरणों को सोखकर सीधे बैटरी को चार्ज करती रहती है।
- छोटी कार Sakura के लिए निसान ने एक विशेष ‘एक्सटेंडर’ पैनल डिजाइन किया है, जो कार पार्क करते समय बाहर निकल आता है ताकि अधिक से अधिक धूप बटोर सके।
साल भर में 3,000 KM का फायदा
कंपनी के परीक्षणों के अनुसार, आदर्श परिस्थितियों में यह सोलर सिस्टम सालाना 3,000 किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज बढ़ा सकता है, इसका मतलब है कि मध्यम दूरी का सफर तय करने वाले ग्राहकों को साल के कई महीनों तक बाहरी बिजली खर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी।
कब होगी लॉन्च?
फिलहाल यह तकनीक अनुसंधान और विकास (R&D) के चरण में है, हालांकि, निसान ने इन प्रोटोटाइप मॉडल्स के जरिए यह साफ कर दिया है कि भविष्य की कारों में ‘फ्री एनर्जी’ का सपना अब हकीकत के बेहद करीब है, ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तकनीक के आने से ईवी अपनाने की रफ्तार में जबरदस्त तेजी आएगी।















