भारत के करोड़ों मोबाइल यूजर्स के लिए एक बड़ा अलर्ट जारी है। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने सिम कार्ड पोर्टिंग और KYC प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव कर दिए हैं, जो 1 जुलाई 2024 से लागू हो चुके हैं। ये नए नियम मुख्य रूप से सिम स्वैप फ्रॉड को रोकने के उद्देश्य से लाए गए हैं। गलत तरीके से नियमों का पालन न करने पर आपकी सिम सर्विस अचानक बंद हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 तक ये नियम यूजर्स के लिए उतने ही प्रासंगिक बने रहेंगे।

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पोर्टिंग नियमों में सख्ती क्यों?
पहले सिम कार्ड बदलने के तुरंत बाद नंबर पोर्ट कराना आसान था, लेकिन अब सिम स्वैप या रिप्लेसमेंट के बाद कम से कम 7 दिन इंतजार करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस दौरान मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं होगी। यूनिक पोर्टिंग कोड (UPC) जेनरेट करने से पहले यूजर की KYC डिटेल्स आधार से पूरी तरह मैच करनी जरूरी हैं। अगर हाल ही में सिम बदला गया हो, तो UPC रिजेक्ट हो जाएगा।
इसके अलावा, नया नंबर एक्टिवेट करने या आखिरी पोर्टिंग के बाद 90 दिनों तक दोबारा पोर्टिंग की अनुमति नहीं मिलेगी। इन-सर्कल पोर्टिंग 3 कार्य दिवसों में और इंटर-सर्कल पोर्टिंग 5 कार्य दिवसों में पूरी होनी चाहिए। कॉर्पोरेट यूजर्स को अधिकृत पत्र देना पड़ेगा, जबकि बल्क पोर्टिंग में एक बार में 100 से ज्यादा नंबरों की अनुमति नहीं है। TRAI का कहना है कि ये कदम स्कैमर्स को रोकने के लिए जरूरी हैं, जो सिम स्वैप कर लोगों के नंबर चुरा लेते थे।
KYC प्रक्रिया बनी पूरी तरह डिजिटल
डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम (DoT) के निर्देश पर 1 जनवरी 2024 से e-KYC प्रक्रिया अनिवार्य हो गई है। अब नया सिम लेने, स्वैप करने या पोस्टपेड से प्रिपेड कन्वर्ट करने पर फिजिकल दस्तावेजों की कोई जरूरत नहीं। आधार आधारित OTP वेरिफिकेशन से सिर्फ 1 रुपये में सारा काम हो जाता है। बल्क सिम बिक्री पर भी रोक लगाई गई है, ताकि एक व्यक्ति को एक साथ कई सिम न मिलें।
डिस्कनेक्टेड नंबरों को 90 दिनों तक किसी नए यूजर को अलॉट नहीं किया जा सकेगा। कॉर्पोरेट KYC में भी व्यक्तिगत वेरिफिकेशन जरूरी ठहराया गया है। TRAI अब KYC डेटा शेयरिंग के लिए नया फ्रेमवर्क लाने की तैयारी में है, जो साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करेगा।
सर्विस बंद होने का खतरा कैसे टलें?
अगर आपकी KYC अपडेट नहीं है या मल्टी-सिम चेक फेल हो गया, तो TRAI/USSD अलर्ट के बाद सर्विस सस्पेंड कर दी जाएगी। लाखों यूजर्स पहले ही प्रभावित हो चुके हैं। स्कैम कॉल्स और संदिग्ध SMS से सावधान रहें।
यूजर्स के लिए जरूरी सलाह
तुरंत अपने डुप्लीकेट सिम या KYC स्टेटस चेक करें। ऐप या *199# डायल करके वेरिफाई करें। पोर्टिंग से पहले 7 दिन का इंतजार करें और OTP का सख्ती से पालन करें। DoT ऐप डाउनलोड कर सुरक्षित रहें।
ये बदलाव यूजर की सुरक्षा तो बढ़ाते हैं, लेकिन जागरूकता के बिना नंबर ब्लॉक होने का रिस्क बना रहेगा। सिम यूजर्स अभी से अलर्ट हो जाएं!















