
देश की कर व्यवस्था में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव होने जा रहा है, केंद्र सरकार ने 65 साल पुराने ‘आयकर अधिनियम 1961’ को हटाकर ‘आयकर अधिनियम 2025’ को लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है, 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले इस नए कानून में पैन कार्ड (PAN), आईटीआर (ITR) और सैलरी क्लास के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज ‘फॉर्म 16’ के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया गया है।
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अब फॉर्म 16 नहीं, ‘फॉर्म 130’ देगा सैलरी का हिसाब
नौकरीपेशा लोगों के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि अब उन्हें अपनी कंपनी से फॉर्म 16 (Form 16) नहीं, बल्कि ‘फॉर्म 130’ मिलेगा। नए नियमों के मुताबिक:
- तीन हिस्सों में बंटा होगा फॉर्म: पुराने दो हिस्सों (Part A & B) के मुकाबले अब इसमें Part C भी जोड़ा गया है।
- विस्तृत जानकारी: इसमें ग्रॉस सैलरी, चुनी गई टैक्स रिजीम और क्लेम किए गए सभी डिडक्शन्स की बारीक जानकारी देनी होगी।
- पेंशनर्स को राहत: 75 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए पेंशन और ब्याज आय का विवरण भी इसी फॉर्म में समाहित होगा।
PAN कार्ड और अन्य फॉर्म्स के बदले नाम
सिर्फ फॉर्म 16 ही नहीं, टैक्स प्रक्रिया से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों के नाम भी बदल गए हैं:
- PAN आवेदन: नया पैन बनवाने के लिए अब फॉर्म 49A की जगह फॉर्म 93 और 95 का इस्तेमाल होगा।
- टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट: फॉर्म 26AS का नाम बदलकर अब ‘फॉर्म 168’ कर दिया गया है।
- HRA क्लेम: अब फॉर्म 124 के जरिए मकान मालिक के साथ अपने रिश्ते (यदि कोई हो) का खुलासा करना अनिवार्य होगा।
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आपकी सैलरी पर क्या होगा असर?
नए इनकम टैक्स एक्ट का मुख्य उद्देश्य मध्यम वर्ग की ‘टेक-होम सैलरी’ को बढ़ाना है।
- बढ़ा हुआ स्टैंडर्ड डिडक्शन: बजट 2025 में स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया गया है।
- टैक्स फ्री इनकम: नई टैक्स रिजीम के तहत अब ₹12.75 लाख तक की सालाना आय पर प्रभावी रूप से कोई टैक्स नहीं लगेगा (डिडक्शन्स के साथ)।
- रिटर्न की समयसीमा: रिवाइज्ड आईटीआर फाइल करने की अंतिम तिथि अब 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है, जिससे करदाताओं को बड़ी राहत मिली है।
क्यों बदला गया कानून?
सरकार का तर्क है कि 1961 का पुराना कानून काफी जटिल हो गया था, नए एक्ट के जरिए टैक्स विवादों को कम करने, भाषा को सरल बनाने और ई-फाइलिंग को और अधिक पारदर्शी बनाने का लक्ष्य रखा गया है 1 अप्रैल 2026 से सभी करदाताओं को इन्हीं नए नियमों और फॉर्म्स का पालन करना होगा।















