
देश के अन्नदाताओं को आर्थिक राहत देने और खेती में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने नैनो यूरिया को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है, नई गाइडलाइन के तहत, किसानों को अब नैनो यूरिया और नैनो डीएपी (DAP) की खरीद पर 50 प्रतिशत की अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ मिलेगा, इस फैसले से न केवल खेती की लागत कम होगी, बल्कि उर्वरकों के संतुलित उपयोग को भी बल मिलेगा।
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AGR-2 योजना के तहत मिलेगी राहत
ताजा अपडेट के अनुसार, गुजरात सरकार ने केंद्र की AGR-2 योजना के अंतर्गत नैनो उर्वरकों पर भारी छूट देने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत नैनो यूरिया की खरीद पर किसानों को सीधे तौर पर 50% की सरकारी सहायता प्रदान की जाएगी, इसके अलावा, इफ्को (IFFCO) ने भी अपने ‘नैनो मॉडल विलेज’ अभियान के तहत कई क्षेत्रों में एमआरपी (MRP) पर 25% की तत्काल छूट देने की घोषणा की है।
जबरन टैगिंग पर केंद्र सरकार सख्त
नई गाइडलाइन में किसानों के हितों की रक्षा के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं, केंद्रीय कृषि मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी उर्वरक विक्रेता या सहकारी समिति किसानों को पारंपरिक यूरिया के साथ नैनो यूरिया खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकती, ‘जबरन टैगिंग’ की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई डीलर ऐसा करता पाया गया, तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
नैनो यूरिया प्लस को मिली मंजूरी
सरकार ने नैनो यूरिया के उन्नत संस्करण ‘नैनो यूरिया प्लस’ को भी अगले तीन वर्षों के लिए आधिकारिक तौर पर अधिसूचित कर दिया है। यह नया फॉर्मूला न केवल पौधों को अधिक नाइट्रोजन प्रदान करेगा, बल्कि मिट्टी की उर्वरता को भी सुरक्षित रखेगा, विशेषज्ञों का मानना है कि 500 मिलीलीटर की एक बोतल, पारंपरिक यूरिया की एक पूरी बोरी (45 किलो) की जगह ले सकती है, जिससे परिवहन और भंडारण का खर्च भी कम होगा।
मुख्य लाभ एक नजर में
- आर्थिक बचत: नैनो यूरिया की 500 मिली की बोतल ₹225 में उपलब्ध है, जिस पर अब अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
- मिट्टी की सेहत: रासायनिक खाद के अत्यधिक उपयोग पर लगाम लगेगी।
- सरल उपयोग: ड्रोन या स्प्रेयर के माध्यम से छिड़काव करना आसान और प्रभावी।
सरकार का यह कदम न केवल ‘आत्मनिर्भर कृषि’ के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ा निवेश है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी इसे क्रांतिकारी माना जा रहा है।















