
मध्य प्रदेश सरकार ने शिक्षण सत्र 2025-26 के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए कक्षा 5वीं और 8वीं के छात्रों के लिए बोर्ड पैटर्न पर आधारित वार्षिक परीक्षाओं की घोषणा की है। राज्य शिक्षा केंद्र ने मंगलवार को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ये परीक्षाएं 20 फरवरी से शुरू होकर 28 फरवरी तक चलेंगी। प्रदेशभर में 12,920 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां लगभग 25 लाख छात्र अपनी प्रतिभा का इम्तिहान देंगे। यह पहल शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और छात्रों को उच्च स्तर की तैयारी के लिए प्रेरित करने का प्रयास है।
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बोर्ड पैटर्न पर होंगी परीक्षाएं
राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की संख्या के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। इन एग्जाम में शासकीय विद्यालयों के साथ-साथ निजी स्कूलों और मदरसों के छात्र भी शामिल होंगे। आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष कुल 1 लाख 10 हजार 615 शासकीय, निजी शालाओं एवं मदरसों से लगभग 24 लाख 90 हजार छात्र परीक्षा देंगे।
खास बात यह है कि 522 निजी विद्यालयों के 20,736 छात्रों के लिए एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के आधार पर भाषा विषय के अलग प्रश्नपत्र तैयार किए गए हैं, जबकि अन्य विषय राज्य शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित पाठ्यपुस्तकों पर आधारित होंगे।
विस्तृत परीक्षा शेड्यूल
परीक्षा का शेड्यूल भी स्पष्ट कर दिया गया है। कक्षा 5वीं के लिए 20 फरवरी को हिंदी/अंग्रेजी/उर्दू/मराठी, 23 फरवरी को हिंदी/अंग्रेजी, 25 फरवरी को पर्यावरण अध्ययन और 26 फरवरी को सामाजिक विज्ञान/संस्कृत के पेपर होंगे। वहीं, कक्षा 8वीं में 20 फरवरी को फर्स्ट लैंग्वेज (संस्कृत/हिंदी/अंग्रेजी), 25 फरवरी को गणित, 26 फरवरी को सामाजिक विज्ञान/संस्कृत और 28 फरवरी को विज्ञान की परीक्षा निर्धारित है। सभी परीक्षाएं दोपहर 2:00 से 4:30 बजे तक आयोजित होंगी। यह शेड्यूल एमपी बोर्ड (MPBSE) द्वारा जारी डेटशीट पर आधारित है, जो स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
डिजिटल पोर्टल से सुचारू संचालन
सुचारू संचालन के लिए विभाग ने विशेष आईटी पोर्टल विकसित किया है, जो परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना देगा। इस पोर्टल से छात्रों का सत्यापन, परीक्षा केंद्रों का निर्धारण, केंद्राध्यक्षों की मैपिंग, सामग्री वितरण, रोल नंबर और प्रवेश पत्र जारी करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही, उपस्थिति दर्ज करना, मूल्यांकन कार्य और अंकसूची जारी करने का कार्य भी इसी प्लेटफॉर्म से होगा। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने में सहायक सिद्ध होगा। परीक्षा में 86,109 शासकीय शालाओं, 23,980 अशासकीय शालाओं और 525 मदरसों के छात्र भाग लेंगे।
हर पात्र छात्र को मिलेगा मौका
संचालक हरजिंदर सिंह ने जोर देकर कहा कि प्रत्येक पात्र छात्र को परीक्षा का अवसर मिलेगा। यदि कोई छात्र किसी कारणवश परीक्षा तिथि तक पंजीकृत नहीं हो पाया है, तो उसे भी शामिल करने के निर्देश केंद्राध्यक्षों को दिए गए हैं। ऐसे छात्रों की तकनीकी जानकारी परीक्षा उपरांत दर्ज की जाएगी। यह नीति वंचित छात्रों को न्याय दिलाने वाली है।
राजस्थान की तर्ज पर नया कदम
यह बदलाव राजस्थान (RBSE) की तर्ज पर है, जहां कक्षा 5वीं-8वीं की परीक्षाएं 19-20 फरवरी से शुरू हो रही हैं। मध्य प्रदेश में बोर्ड पैटर्न अपनाने से प्राथमिक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भावना जागेगी, लेकिन अभिभावक चिंतित हैं कि छोटे बच्चों पर दबाव न बढ़ जाए। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सिलेबस 2025-26 का पालन और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों से तैयारी छात्रों को मजबूत बनाएगी। एडमिट कार्ड स्कूलों से प्राप्त करें और mpbse.nic.in या mp.gov.in पर अपडेट चेक करें।















