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NEFT vs RTGS vs IMPS: मोबाइल या नेट बैंकिंग यूजर्स जानें फर्क, किसमें कितना लगता है चार्ज

आज के डिजिटल युग में बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने का दौर लगभग खत्म हो चुका है, स्मार्टफोन्स के जरिए पैसे भेजना अब चंद सेकंड्स का काम है, लेकिन, जब बात फंड ट्रांसफर की आती है, तो अक्सर यूजर्स NEFT, RTGS और IMPS के बीच उलझ जाते हैं, किसमें पैसा तुरंत पहुंचेगा और किसमें आपकी जेब पर कम बोझ पड़ेगा? आइए विस्तार से समझते हैं

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NEFT vs RTGS vs IMPS: मोबाइल या नेट बैंकिंग यूजर्स जानें फर्क, किसमें कितना लगता है चार्ज
NEFT vs RTGS vs IMPS: मोबाइल या नेट बैंकिंग यूजर्स जानें फर्क, किसमें कितना लगता है चार्ज

आज के डिजिटल युग में बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने का दौर लगभग खत्म हो चुका है, स्मार्टफोन्स के जरिए पैसे भेजना अब चंद सेकंड्स का काम है, लेकिन, जब बात फंड ट्रांसफर की आती है, तो अक्सर यूजर्स NEFT, RTGS और IMPS के बीच उलझ जाते हैं, किसमें पैसा तुरंत पहुंचेगा और किसमें आपकी जेब पर कम बोझ पड़ेगा? आइए विस्तार से समझते हैं।

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NEFT (नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर)

NEFT पैसे भेजने का सबसे लोकप्रिय तरीका है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनके पास समय की बहुत ज्यादा पाबंदी नहीं है। 

  • समय: यह आधे-आधे घंटे के स्लॉट (batches) में काम करता है, पैसा पहुंचने में 30 मिनट से 2 घंटे तक का समय लग सकता है।
  • चार्ज: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप के जरिए किया जाने वाला NEFT पूरी तरह मुफ्त है, बैंक शाखा में जाने पर ₹2 से ₹25 तक का शुल्क लग सकता है।
  • लिमिट: इसमें कोई न्यूनतम सीमा नहीं है। 

RTGS (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट)

यदि आपको बहुत बड़ी राशि तुरंत भेजनी है, तो RTGS सबसे सुरक्षित और तेज माध्यम है। 

  • समय: इसमें पैसा ‘रियल टाइम’ यानी तुरंत सेटल होता है।
  • न्यूनतम सीमा: यह खास तौर पर बड़े ट्रांजैक्शन के लिए है। आप ₹2 लाख से कम की राशि RTGS नहीं कर सकते।
  • चार्ज: ऑनलाइन ट्रांजैक्शन अक्सर निशुल्क होते हैं, शाखा में जाने पर ₹25 से ₹50 तक का चार्ज देना पड़ सकता है। 

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IMPS (इमीडिएट पेमेंट सर्विस) 

IMPS उन यूजर्स के लिए है जो रात के 2 बजे भी तुरंत पैसा भेजना चाहते हैं। 

  • समय: यह 24×7 काम करता है और पैसा पलक झपकते ही रिसीवर के खाते में पहुंच जाता है।
  • चार्ज: यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि IMPS पर बैंक चार्ज वसूलते हैं सामान्य तौर पर यह ₹2.50 से ₹15 (+GST) के बीच होता है, जो ट्रांजैक्शन की राशि पर निर्भर करता है।
  • लिमिट: आमतौर पर इसकी अधिकतम सीमा ₹5 लाख तक होती है। 

ग्राहकों के लिए जरूरी बदलाव

हाल ही में बैंकिंग सुरक्षा को बढ़ाने के लिए आरबीआई ने नए निर्देश जारी किए हैं, 1 अप्रैल 2025 से NEFT और RTGS के जरिए पैसा भेजने से पहले लाभार्थी (Beneficiary) का नाम सत्यापित करने की सुविधा मिलेगी, इससे गलत खाते में पैसा जाने का जोखिम काफी कम हो जाएगा। 

अगर आप ₹2 लाख से कम भेज रहे हैं और आपको बहुत जल्दी नहीं है, तो NEFT सबसे अच्छा (फ्री) विकल्प है, तत्काल जरूरत के लिए IMPS चुनें (भले ही थोड़ा चार्ज लगे), और बड़े अमाउंट के लिए RTGS ही सबसे सुरक्षित है। 

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info@divcomkonkan.in

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