
भारतीय रेलवे को देश की लाइफलाइन कहा जाता है, जहां रोजाना 13,000 से अधिक यात्री ट्रेनें लाखों लोगों को जोड़ती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन ट्रेनों की फुल स्पीड कितनी होती है? 100 किमी/घंटा या 180 किमी/घंटा? हाल के परीक्षणों में वंदे भारत जैसी ट्रेनें 180 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ चुकी हैं, जो यात्रियों के होश उड़ा देने वाली है। रेलवे अब इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ स्पीड पर फोकस कर रहा है, जिससे यात्रा समय कम हो रहा है।
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सबसे तेज ट्रेनों का जलवा
देश की सबसे तेज ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस है, जो डिजाइन स्पीड 180 किमी/घंटा की है। जनवरी 2025 में वंदे भारत स्लीपर ने परीक्षण के दौरान स्थिर 180 किमी/घंटा की गति हासिल की, जो लंबी रात्रिकालीन यात्राओं के लिए मील का पत्थर साबित हुई। हालांकि, नियमित संचालन में सुरक्षा कारणों से इसे 130 किमी/घंटा तक सीमित रखा जाता है। नमो भारत (रैपिडएक्स) भी 180 किमी/घंटा की रफ्तार के साथ देश की सबसे तेज ट्रेनों में शुमार हो गई है।
गतिमान एक्सप्रेस भारत की पहली सेमी-हाई स्पीड ट्रेन है, जो दिल्ली-झांसी रूट पर 160 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ती है। भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस की अधिकतम स्पीड 150 किमी/घंटा है, जबकि राजधानी एक्सप्रेस 130-140 किमी/घंटा के बीच चलती है। दुरंतो और तेजस एक्सप्रेस भी 130 किमी/घंटा की रफ्तार से महानगरों को जोड़ती हैं। ये ट्रेनें न सिर्फ तेज हैं, बल्कि लग्जरी सुविधाओं से लैस हैं।
टॉप स्पीड लिस्ट
| ट्रेन का नाम | अधिकतम स्पीड (किमी/घंटा) | मुख्य रूट | विशेषता |
|---|---|---|---|
| वंदे भारत एक्सप्रेस | 180 | दिल्ली-वाराणसी आदि | परीक्षण में रिकॉर्ड |
| नमो भारत (रैपिडएक्स) | 180 | दिल्ली-मेरठ | देश की सबसे तेज |
| गतिमान एक्सप्रेस | 160 | दिल्ली-झांसी | पहली सेमी-हाई स्पीड |
| भोपाल शताब्दी | 150 | नई दिल्ली-भोपाल | शताब्दी श्रेणी |
| राजधानी एक्सप्रेस | 130-140 | दिल्ली-मुंबई आदि | प्रीमियम लग्जरी |
| दुरंतो एक्सप्रेस | 130 | दिल्ली-मुंबई-कोलकाता | नॉन-स्टॉप तेज |
| तेजस एक्सप्रेस | 130 | मुंबई-गोवा, लखनऊ-दिल्ली | प्राइवेट हाई-स्पीड |
वर्तमान चुनौतियां और भविष्य की रफ्तार
2024 में वंदे भारत की स्पीड को 130 किमी/घंटा तक घटाया गया था, लेकिन 2025-26 के परीक्षणों ने 180 किमी/घंटा को फिर साबित किया। ‘TAG 2026’ टाइमटेबल के तहत 549 ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई गई, जिसमें 122 नई ट्रेनें जोड़ी गईं। इससे यात्रा समय 5 मिनट से एक घंटे तक कम हो रहा है।
भविष्य रोमांचक है। 2027 में वंदे भारत 4.0 250-350 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेगी, खासकर अहमदाबाद-मुंबई रूट पर। कवच 5.0 सिस्टम ओवरस्पीडिंग रोकेगा। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट्स 300+ किमी/घंटा लाएंगे, जो भारत को हाई-स्पीड रेल सुपरपावर बनाएंगे। 2047 तक 4,500 वंदे भारत ट्रेनें लक्ष्य हैं।















