
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ (PM-JAY) आज करोड़ों लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है, इस योजना के तहत पात्र परिवारों को सालाना ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके पास आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद कुछ बीमारियों और मेडिकल कंडीशन में आपको अस्पताल में एक भी रुपया मुफ्त नहीं मिलेगा?
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ओपीडी (OPD) परामर्श और दवाएं
आयुष्मान कार्ड का लाभ केवल तभी मिलता है जब मरीज अस्पताल में कम से कम 24 घंटे के लिए भर्ती होता है, यदि आप केवल डॉक्टर को दिखाने (OPD), परामर्श लेने या बाहर से दवा खरीदने जा रहे हैं, तो इसका खर्च आपको खुद उठाना होगा।
कॉस्मेटिक और प्लास्टिक सर्जरी
सुंदरता बढ़ाने के लिए की जाने वाली सर्जरी जैसे हेयर ट्रांसप्लांट, लिपोसक्शन (वजन घटाना) या नोज जॉब इस योजना के दायरे में नहीं आते। हालांकि, अगर किसी दुर्घटना या जलने के कारण प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत पड़ती है, तो वह कवर होती है।
प्रजनन उपचार (IVF/Infertility)
संतान प्राप्ति के लिए किए जाने वाले इलाज जैसे इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) या बांझपन से जुड़े अन्य महंगे उपचारों को आयुष्मान भारत योजना में शामिल नहीं किया गया है।
रूटीन डेंटल चेकअप
दांतों की सामान्य समस्याएं जैसे कैविटी फिलिंग, रूट कैनाल (RCT), दांतों की सफाई या नकली दांत लगवाना (Dentures) इस कार्ड से मुफ्त नहीं होते। केवल कैंसर या गंभीर जबड़े की चोट की स्थिति में ही इलाज मिलता है।
नशा मुक्ति (Drug & Alcohol Rehab)
शराब या किसी भी प्रकार के नशे की लत छुड़ाने के लिए रिहैबिलिटेशन सेंटर या नशा मुक्ति कार्यक्रमों का खर्च आयुष्मान कार्ड से कवर नहीं किया जा सकता।
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गैर-जरूरी टीकाकरण (Vaccination)
बच्चों या वयस्कों के लिए होने वाले सामान्य टीकाकरण (जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का हिस्सा नहीं हैं) का खर्च मरीज को स्वयं वहन करना पड़ता है।
2026 के लिए बड़े अपडेट्स:
- 70+ बुजुर्गों को तोहफा: सरकार ने अब 70 साल से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों के लिए ‘वय वंदना’ कार्ड अनिवार्य कर दिया है, जिससे उन्हें आय की सीमा के बिना ₹5 लाख का कवर मिलेगा।
- e-KYC अनिवार्य: अगर आपके कार्ड की e-KYC पेंडिंग है, तो अस्पताल इलाज से मना कर सकता है। तुरंत PM-JAY पोर्टल पर जाकर इसे अपडेट करें।
इलाज के लिए जाने से पहले अपने नजदीकी सूचीबद्ध अस्पताल (Empanelled Hospital) की जानकारी जरुर लें, क्योंकि मुफ्त इलाज केवल सरकारी या योजना से जुड़े प्राइवेट अस्पतालों में ही संभव है















