
केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘लखपति दीदी योजना’ (Lakhpati Didi Yojana) अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल रही है, फरवरी 2026 की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, सरकार ने इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹5 लाख तक का ब्याज-मुक्त ऋण (Interest-Free Loan) देने का प्रावधान किया है।
Table of Contents
क्या है लखपति दीदी योजना?
इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य लक्ष्य देश की 3 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति’ बनाना है, यानी उनकी वार्षिक पारिवारिक आय को कम से कम ₹1 लाख से ऊपर ले जाना है इसके तहत महिलाओं को न केवल वित्तीय सहायता दी जाती है, बल्कि उन्हें ड्रोन संचालन, एलईडी बल्ब निर्माण और डिजिटल बैंकिंग जैसे आधुनिक कौशल में प्रशिक्षित भी किया जाता है।
योजना के मुख्य आकर्षण (Key Highlights)
- ब्याज-मुक्त ऋण: महिलाओं को ₹5 लाख तक का लोन मिलता है, जिस पर लगने वाले ब्याज का भुगतान सरकार सब्सिडी के रुप में करती है।
- व्यापार सहायता: सरकार उत्पादों की मार्केटिंग और उन्हें बाजार तक पहुँचाने (SHE-Marts के माध्यम से) में भी मदद करती है।
- बीमा लाभ: कुछ राज्यों में लाभार्थियों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और सुरक्षा बीमा योजना का लाभ भी इसके साथ जोड़ा गया है।
किसे मिलेगा लाभ? (Eligibility Criteria)
- आवेदक का भारत का स्थायी निवासी होना और स्वयं सहायता समूह (SHG) का सदस्य होना अनिवार्य है।
- महिला की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
ऐसे बनाएं अपना ‘लखपति कार्ड’ और करें आवेदन
योजना का लाभ लेने और अपना डिजिटल आजीविका रजिस्टर (DAR) में नामांकन कराने के लिए इन चरणों का पालन करें:
- सबसे पहले अपने क्षेत्र के किसी मान्यता प्राप्त स्वयं सहायता समूह का सदस्य बनें।
- आधार कार्ड, पैन कार्ड, निवास और आय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और पासपोर्ट साइज फोटो तैयार रखें।
- अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए एक ठोस योजना (Business Plan) बनाएं और उसे अपने SHG या ब्लॉक कार्यालय में जमा करें।
- आप Lakhpati Didi Official Portal पर जाकर भी ‘Candidate Registration’ कर सकते हैं।
- आवेदन के सत्यापन के बाद आपको कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा और आपके बिजनेस प्लान के आधार पर लोन स्वीकृत किया जाएगा।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, अब तक लगभग 1.48 करोड़ महिलाएं इस योजना के जरिए लखपति बन चुकी हैं और लक्ष्य को बढ़ाकर अब 3 करोड़ कर दिया गया है















