Join Youtube

KPI Green Energy: सोलर कंपनी के हाथ लगा ₹100 MW का जैकपॉट! क्या रॉकेट बनेगा स्टॉक? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

KPI Green को गुजरात से बड़ा ऑर्डर मिला। अडानी के 300 MW प्रोजेक्ट भी जेब में! कमाई 64% चढ़ी, 2030 तक 10 GW का सपना। स्टॉक रॉकेट बनेगा या फिसलेगा? जानो एक्सपर्ट्स की राय!

Published On:

भारत की रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी KPI Green Energy ने हाल के दिनों में सोलर प्रोजेक्ट्स के मामले में जबरदस्त सफलता हासिल की है। गुजरात सरकार से मिले 100 मेगावाट क्षमता वाले बड़े प्रोजेक्ट ने कंपनी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। बाजार में चर्चा जोरों पर है कि क्या ये ऑर्डर कंपनी के शेयर को आसमान छूने वाली उड़ान देंगे। कंपनी का तेज विकास और मजबूत ऑर्डर बुक निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।

KPI Green Energy: सोलर कंपनी के हाथ लगा ₹100 MW का जैकपॉट! क्या रॉकेट बनेगा स्टॉक? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

ऑर्डर बुक में नया जोर

कंपनी ने विभिन्न राज्यों से कई बड़े सोलर प्रोजेक्ट्स अपने नाम किए हैं। महाराष्ट्र के बिजली निगम से 100 मेगावाट का सोलर फोटोवोल्टेइक प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन पैकेज के तहत हासिल हुआ। ये प्रोजेक्ट रिन्यूएबल एनर्जी बंडलिंग योजना के हिस्से के रूप में बनेगा। इसके अलावा कैप्टिव पावर प्रोड्यूसर सेगमेंट में भी 100 मेगावाट के डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट वाले प्रोजेक्ट्स मिले, जो अगले वित्तीय वर्ष में चरणबद्ध तरीके से पूरे होंगे।

गुजरात में 110 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट 489 करोड़ रुपये का सौदा है, जिसका पूरा होना 18 महीनों में तय है। अडानी ग्रुप से खवड़ा साइट पर 300 मेगावाट का सोलर कार्य मिला, जिससे कुल ऑर्डर बुक 834 मेगावाट एसी तक पहुंच गई। SJVN से 200 मेगावाट का प्रोजेक्ट 696 करोड़ रुपये का है। हाल ही में प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत 16 मेगावाट के सोलर प्रोजेक्ट्स का कमीशनिंग पूरा हो चुका, जो किसानों को दिन में विश्वसनीय बिजली मुहैया कराएंगे।

वित्तीय मजबूती का प्रदर्शन

तीसरी तिमाही में कंपनी की आय पिछले साल की तुलना में 64 प्रतिशत बढ़कर 1931 करोड़ रुपये हो गई। नौ महीनों में रिन्यूएबल पोर्टफोलियो 4.74 गीगावाट तक पहुंचा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 3200 करोड़ का फंडिंग सैंक्शन मिला, जो 1 गीगावाट से अधिक IPP प्रोजेक्ट्स को सपोर्ट करेगा। इनमें 250 मेगावाट सोलर और 370 मेगावाट हाइब्रिड प्रोजेक्ट शामिल हैं, जो 25 साल के पावर परचेज एग्रीमेंट पर आधारित हैं।

कुछ प्रोजेक्ट्स में जल्दी कमीशनिंग हो चुकी, जैसे गुजरात विज कंपनी लिमिटेड के 250 मेगावाट प्रोजेक्ट में 24 मेगावाट का हिस्सा। 32 मेगावाट सोलर-हाइब्रिड को ग्रिड कनेक्शन की मंजूरी मिली। कंपनी का रेवेन्यू मिक्स IPP और CPP के बीच संतुलित हो रहा, जहां औसत कमाई प्रति यूनिट तीन रुपये के आसपास रहने की उम्मीद है। 40 मेगावाट सोलर-हाइब्रिड को एनर्जाइजेशन अप्रूवल मिला, जिसका एक्जीक्यूशन मूल्य 5000 करोड़ है।

शेयर बाजार पर असर

इन सफलताओं के बाद शेयर ने पांच प्रतिशत का ऊपरी सर्किट हिट किया और 1525 रुपये के स्तर को छुआ। पहले यह 425 रुपये तक लुढ़का था, लेकिन अब विदेशी निवेशकों की खरीदारी बढ़ रही। मार्केट में उतार-चढ़ाव रहा, पर ऑर्डर फ्लो ने भरोसा जगाया। विशेषज्ञ मानते हैं कि इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर मॉडल और लंबे कॉन्ट्रैक्ट्स से 50 से 60 प्रतिशत की ग्रोथ संभव है।

भविष्य के संकेत

कंपनी का 6 गीगावाट का पाइपलाइन नौ महीनों में तैयार हो चुका, और 2030 तक 10 गीगावाट का लक्ष्य अब करीब नजर आ रहा। भारत की क्लीन एनर्जी जरूरतों के बीच KPI Green का योगदान महत्वपूर्ण है। हालांकि एक्जीक्यूशन रिस्क और बाजार की अस्थिरता बनी रहेगी। निवेशक मजबूत तिमाही नतीजों का इंतजार करें। ये प्रोजेक्ट न केवल कंपनी को मजबूत करेंगे, बल्कि देश की हरित ऊर्जा क्रांति को गति देंगे।

Author
info@divcomkonkan.in

Leave a Comment

🔥 वायरल विडिओ देखें