बिहार विधानसभा में पेश हुए ऐतिहासिक 3.47 लाख करोड़ रुपये के बजट ने राज्य के किसानों के लिए खुशहाल दौर की शुरुआत कर दी है। वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा की, जिसमें केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि के 6,000 रुपये सालाना के साथ अब राज्य से अतिरिक्त 3,000 रुपये जुड़कर कुल 9,000 रुपये हो जाएंगे। यह फैसला छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, खासकर जब बाढ़, सूखा और बढ़ती खेती की लागत ने उन्हें परेशान किया हुआ है।

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बजट घोषणा का महत्व
2 फरवरी 2026 को पेश इस रिकॉर्ड बजट ने पिछले वर्ष के 3.16 लाख करोड़ के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया। नीतीश कुमार सरकार ने एनडीए गठबंधन के चुनावी वादे को पूरा करते हुए इस योजना को हरी झंडी दी। योजना के तहत पीएम किसान की तीनों किस्तों में हर बार 2,000 रुपये के साथ 1,000 रुपये अतिरिक्त राज्य सरकार देगी। इससे राज्य के करीब 73 लाख किसान सीधे लाभान्वित होंगे। यह न केवल किसानों की जेब मजबूत करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगा। किसान नेता इसे स्वागतयोग्य बता रहे हैं, हालांकि क्रियान्वयन की गति पर नजर रखने की बात भी कर रहे हैं।
कितना और कैसे मिलेगा लाभ?
पीएम किसान योजना पहले से ही छोटे किसानों को सालाना 6,000 रुपये (तीन किश्तों में 2,000-2,000-2,000 रुपये) दे रही है। अब कर्पूरी ठाकुर सम्मान निधि से हर किश्त में 1,000 रुपये अतिरिक्त जुड़ जाएगा, जिससे कुल राशि 9,000 रुपये सालाना हो जाएगी। यह राशि सीधे डीबीटी के जरिए किसानों के आधार लिंक्ड बैंक खातों में पहुंचेगी। पहली अतिरिक्त किस्त बहुत जल्द जारी होने की उम्मीद है, ताकि रबी फसल की तैयारी में किसानों को मदद मिल सके। यह सहायता बीज, उर्वरक, सिंचाई और अन्य खेतीखर्चों में सहारा बनेगी।
पात्रता के सरल नियम
यह लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जो पहले से पीएम किसान योजना के हितग्राही हैं। मुख्य शर्तें हैं – अधिकतम 2 हेक्टेयर तक जमीन का मालिक होना, आयकर न भरना, पेंशनभोगी या पंजीकृत मजदूर न होना। परिवार के एक सदस्य को ही लाभ मिलेगा और आधार कार्ड से बैंक खाता लिंक होना अनिवार्य है। बड़ी जोत वाले या अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़े किसान बाहर रहेंगे।
आवेदन की प्रक्रिया
पहले से पंजीकृत किसानों को कोई नया आवेदन नहीं करना पड़ेगा, सिस्टम अपडेट हो जाएगा। नए किसान pmkisan.gov.in या बिहार कृषि विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। नजदीकी सीएससी सेंटर या ई-मित्र पर आधार कार्ड, बैंक पासबुक और जमाबंदी नकल लेकर आवेदन करें। ई-केवाईसी पूरा रखें, वरना लाभ रुक सकता है। सरकार पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पोर्टल पर नियमित अपडेट देगी।
कृषि क्षेत्र पर व्यापक असर
इस बजट में सिंचाई परियोजनाओं, मखाना-डेयरी उत्पादन प्रोत्साहन और एमएसपी खरीद पर भी खास जोर दिया गया है। कुल मिलाकर, बिहार के अन्नदाताओं के लिए यह ‘मौज का समय’ साबित होगा, जो न केवल उनकी आमदनी बढ़ाएगा बल्कि खेती को लाभकारी बनाएगा।















