
राज्य सरकारों ने किसानों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। तेलंगाना सहित कई राज्यों में मुख्यमंत्री ने ₹2 लाख तक के किसान कर्ज माफी का ऐलान कर दिया है। यह योजना खासतौर पर छोटे और सीमांत किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिनके कंधों पर किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का बोझ लंबे समय से था। अगर आप भी कर्जदार किसान हैं, तो आधिकारिक पोर्टल पर नाम चेक करें- यह आपकी बल्ले-बल्ले का मौका हो सकता है।
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मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान
तेलंगाना के मुख्यमंत्री श्री रेवंत रेड्डी ने हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा, “हम किसानों को चिंतामुक्त बनाना चाहते हैं। पिछली सरकार ने 10 सालों में मात्र 28,000 करोड़ रुपये के कृषि कर्ज माफ किए, वो भी सिर्फ 11 दिसंबर 2018 तक सीमित। हम 12 दिसंबर 2018 से 9 दिसंबर 2023 तक के पांच सालों के कर्ज पर ₹2 लाख तक की माफी दे रहे हैं।” यह एकमुश्त राहत छोटे किसानों (2 हेक्टेयर तक जमीन वाले) को लक्षित करती है, जिनकी वार्षिक आय ₹1.5 लाख से कम है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में भी समान योजनाएं लागू हैं, जहां तीसरी लिस्ट जारी हो चुकी है।
योजना की पूरी डिटेल
किसान कर्ज माफी (Kisan Karj Mafi) मुख्य रूप से KCC धारकों पर फोकस्ड है। पात्रता में आधार कार्ड, राशन कार्ड लिंक, राज्य का मूल निवासी होना और डिफॉल्टर लिस्ट में नाम शामिल होना जरूरी है। कर्ज 31 मार्च 2023 तक का होना चाहिए। तेलंगाना में फसल ऋण माफी का तीसरा चरण चल रहा है, जबकि यूपी में dbt.up.gov.in जैसे पोर्टल पर लिस्ट अपडेट हो रही है। लाभार्थियों को बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर होगा, बिना किसी मध्यस्थ के। सरकार का दावा है कि लाखों किसान इससे फायदा लेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
नाम कैसे चेक करें?
- राज्य कृषि/सहकारिता विभाग की वेबसाइट (जैसे samagra.gov.in या राज्य पोर्टल) पर लॉगिन करें।
- “KCC ऋण मोचन स्थिति” या “नई लाभार्थी लिस्ट” चुनें।
- जिला, तहसील, गांव, नाम या आधार नंबर डालकर सर्च करें।
- जरूरी दस्तावेज: KCC स्टेटमेंट, भूमि रिकॉर्ड, बैंक डिटेल।
किसानों पर प्रभाव
यह माफी किसानों के उज्जवल भविष्य की नींव रखेगी। कर्जमुक्त होकर वे नई फसलें बो सकेंगे, ट्रैक्टर-बीज खरीद सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आत्महत्या दर घटीगी और कृषि उत्पादन बढ़ेगा। हालांकि, बड़े किसानों को इससे वंचित रखा गया है, जो विवाद का विषय बन सकता है। विपक्ष ने इसे चुनावी स्टंट बताया, लेकिन सरकार इसे किसान कल्याण का प्रमाण मान रही है। कुल मिलाकर, यह योजना लाखों परिवारों की उम्मीद जगाएगी। किसान भाइयों, देर न करें- तुरंत लिस्ट चेक करें और राहत पाएं।















