देशभर के किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ने वाली है। सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक नई पहल शुरू की है, जिसमें दो लाख रुपये तक के कर्ज को माफ करने का प्रावधान किया गया है। यह खासकर उन किसानों के लिए है जो लंबे समय से किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए लिया गया ऋण चुकाने में परेशान हैं। मृतक किसानों के परिवारों को भी इस योजना से फायदा मिलेगा, जहां उनके ऊपर बकाया ऋण का बोझ कम होगा।

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योजना के पीछे का मकसद
कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। कई सालों से किसान सूदखोरी और बैंकों के दबाव से जूझ रहे थे। अब पहले चरण में डिफॉल्टर घोषित उन किसानों का कर्ज माफ होगा जिन्होंने एक लाख रुपये तक का लोन लिया था। दूसरे चरण में कम जमीन वाले किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। कुल मिलाकर दो लाख तक की सीमा तय की गई है ताकि छोटे किसान बिना डर के नई फसल के लिए ऋण ले सकें। मृतक किसानों के मामले में परिवार के पास मृत्यु प्रमाण पत्र होने पर ऋण समाप्त करने की प्रक्रिया सरल बनाई गई है।
कौन पात्र होंगे?
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास किसान क्रेडिट कार्ड होना जरूरी है। जमीन दो हेक्टेयर से कम होनी चाहिए। परिवार में कोई सरकारी नौकरी या ऊंची आय नहीं होनी चाहिए। सालाना आय दो लाख रुपये से कम वाले ही आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा आधार कार्ड, जमाबंदी रिकॉर्ड, पासबुक और आय प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज तैयार रखने पड़ेंगे। बड़े किसानों या निजी साहूकारों से लिया गया कर्ज इस दायरे में नहीं आएगा।
लाभ कैसे चेक करें?
नाम जांचने के लिए सबसे पहले अपने राज्य के कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां आधार नंबर या केसीसी अकाउंट डालकर सूची देखी जा सकती है। बैंक की शाखा या नजदीकी सीएससी केंद्र पर भी जानकारी मिल जाएगी। ई-केवाईसी पूरा करना अनिवार्य है ताकि फर्जी लाभार्थी न बन सकें। योजना दो चरणों में चलेगी- पहला चरण फरवरी में शुरू हो चुका है और मार्च तक पूरा होगा। हरियाणा, पंजाब जैसे राज्यों में यह तेजी से लागू हो रही है, जहां हजारों किसानों को पहले ही राहत मिल चुकी है।
राज्यवार अपडेट
हरियाणा में एकमुश्त निपटान योजना से लाखों किसानों का ब्याज माफ हो रहा है। पंजाब और चंडीगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में भी इसी तरह की सुविधा उपलब्ध है। महाराष्ट्र और तेलंगाना में जून तक दो लाख तक का कर्ज माफी का ऐलान हो चुका है। उत्तर प्रदेश की ऋण मोचन योजना भी इसी कड़ी का हिस्सा है। केंद्र सरकार ने बजट में कृषि के लिए भारी आवंटन किया है, लेकिन असली माफी राज्य सरकारों के हाथ में है।
इन बातों का रखें ध्यान!
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फर्जी लिस्ट और ऐप्स से बचें। कई जगह गलत लिंक शेयर हो रहे हैं जो नुकसान पहुंचा सकते हैं। हमेशा सरकारी पोर्टल या बैंक से ही पुष्टि करें। यह योजना किसानों को नया आत्मविश्वास देगी, लेकिन जागरूक रहना जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे खेती का क्षेत्र मजबूत होगा और किसान बिना बोझ के आगे बढ़ सकेंगे।
कुल मिलाकर यह किसानों के लिए सकारात्मक कदम है। लाखों परिवारों को इससे राहत मिलेगी। जल्द से जल्द दस्तावेज तैयार कर आवेदन करें ताकि मौका हाथ से न निकले।















