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India Donation Report: भारतीय हर साल ₹54,000 करोड़ दान करते हैं, जानें धर्म के नाम पर कितना जाता है पैसा

अशोक यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सोशल इम्पैक्ट एंड फिलेंथ्रोपी (CSIP) द्वारा 19 फरवरी, 2026 को जारी 'हाउ इंडिया गिव्स 2025-26' (How India Gives 2025-26) रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय परिवार सालाना ₹54,000 करोड़ (540 अरब रुपये) दान करते है

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India Donation Report: भारतीय हर साल ₹54,000 करोड़ दान करते हैं, जानें धर्म के नाम पर कितना जाता है पैसा
India Donation Report: भारतीय हर साल ₹54,000 करोड़ दान करते हैं, जानें धर्म के नाम पर कितना जाता है पैसा

 भारत में दान और परोपकार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका खुलासा हाल ही में आई एक चौंकाने वाली रिपोर्ट में हुआ है, अशोका यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सोशल इम्पैक्ट एंड फिलैंथ्रॉपी (CSIP) की ‘हाउ इंडिया गिव्स 2025-26’ रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय परिवार हर साल लगभग ₹54,000 करोड़ (540 बिलियन रुपये) दान करते हैं, यह आंकड़ा देश की बड़ी कंपनियों द्वारा किए जाने वाले कुल CSR खर्च (लगभग ₹28,000 करोड़) से भी करीब दोगुना है।

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धर्म के नाम पर सबसे ज्यादा भरोसा

रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, भारतीयों के दान का सबसे बड़ा हिस्सा आस्था और विश्वास से जुड़ा है, कुल घरेलू दान का 45.9% हिस्सा (लगभग ₹24,800 करोड़) सीधे धार्मिक संगठनों और संस्थानों के खातों में जाता है, इसके बाद 41.8% दान सीधे तौर पर जरूरतमंदों, गरीबों और भिखारियों को दिया जाता है, हालांकि, सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले गैर-धार्मिक संगठनों (NGOs) की झोली में कुल दान का केवल 14.9% हिस्सा ही आ पाता है। 

68% भारतीय करते हैं किसी न किसी रूप में मदद

अध्ययन में पाया गया कि देश के 68% लोग नियमित रूप से दान करते हैं, दिलचस्प बात यह है कि दान केवल पैसों (कैश) तक सीमित नहीं है: 

  • वस्तु दान (In-kind): 48% लोग भोजन, कपड़े और अन्य जरूरी सामान देना पसंद करते हैं।
  • नकद दान (Cash): लगभग 44% लोग नकद राशि के रुप में योगदान देते हैं।
  • स्वयंसेवा (Volunteering): करीब 30% भारतीय अपना समय और सेवाएं देकर समाज की मदद करते हैं, जो ज्यादातर धार्मिक कार्यों या आपदा राहत से जुड़ा होता है। 

गरीब भी हैं ‘दिलदार’

रिपोर्ट एक पुरानी धारणा को भी तोड़ती है कि केवल अमीर ही दान करते हैं, आंकड़ों के अनुसार, जिन परिवारों का मासिक खर्च मात्र ₹4,000 से ₹5,000 के बीच है, उनमें से भी लगभग 50% परिवार नियमित रूप से दान देते हैं, जैसे-जैसे आय बढ़ती है, दान में भागीदारी का यह स्तर 70-80% तक पहुंच जाता है। 

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दानदाताओं की 4 श्रेणियां

CSIP ने अपनी रिपोर्ट में भारतीय दानदाताओं को उनकी प्रेरणा के आधार पर चार मुख्य वर्गों में बांटा है:

  • ग्रासरुट गिवर्स: स्थानीय स्तर पर छोटी मदद करने वाले।
  • एस्पिरेशनल गिवर्स: सामाजिक सुधार और बड़े बदलाव की सोच रखने वाले।
  • प्रैक्टिकल गिवर्स: जरूरत के समय व्यावहारिक मदद करने वाले।
  • वेल-ऑफ गिवर्स: व्यवस्थित तरीके से बड़ा योगदान देने वाला संपन्न वर्ग।

यह रिपोर्ट 20 राज्यों के 7,225 घरों के विस्तृत सर्वेक्षण पर आधारित है, जो यह प्रमाणित करती है कि भारत में दान की परंपरा आर्थिक स्थिति से कहीं अधिक ‘संस्कार’ और ‘इच्छाशक्ति’ पर टिकी है।

India Donation Report
Author
info@divcomkonkan.in

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