डिजिटल भारत की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अब आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक करना बेहद आसान हो गया है। लंबी कतारों और आधार सेंटर के चक्करों से राहत मिलेगी, क्योंकि अब सिर्फ 75 रुपये में अधिकारी आपके घर आकर यह काम पूरा कर देंगे। यह सुविधा उन लाखों लोगों के लिए वरदान है, जो सरकारी योजनाओं, बैंकिंग या ऑनलाइन सेवाओं के लिए आधार पर निर्भर हैं। पुराने नंबर बंद हो गए या बदल गए तो परेशानी खत्म, बस कुछ ही स्टेप्स में नया नंबर जोड़ लें।

Table of Contents
क्यों जरूरी है मोबाइल नंबर लिंकिंग?
आधार कार्ड आज हर सरकारी काम का आधार बन चुका है। पीएम किसान, गैस सब्सिडी, पेंशन या डीबीटी जैसी स्कीमों का लाभ लेने के लिए मोबाइल नंबर अनिवार्य है। बिना लिंक नंबर के आप आधार ऐप डाउनलोड नहीं कर पाते, न ही ऑनलाइन अपडेट या ओटीपी वेरिफिकेशन संभव होता है। अगर नंबर पुराना या बंद है, तो बैंक खाता लिंकिंग, आईटीआर फाइलिंग या पैन कार्ड जोड़ना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीण इलाकों में तो यह समस्या आम है, जहां लोग सेंटर तक पहुंचने में घंटों लगाते हैं। नई व्यवस्था से बुजुर्गों और व्यस्त लोगों को खास फायदा होगा।
घर बैठे प्रक्रिया कैसे पूरी करें?
सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल या मोबाइल ऐप पर जाएं। लॉगिन के बाद आधार नंबर, पूरा नाम और नया मोबाइल नंबर भरें। कैप्चा कोड डालकर ओटीपी से सत्यापन करें। इसके बाद 75 रुपये का शुल्क ऑनलाइन चुकाएं, चाहे यूपीआई से या किसी वॉलेट से। आपको एक यूनिक रिक्वेस्ट नंबर मिलेगा, जिससे स्टेटस चेक कर सकेंगे। दो-तीन दिनों में डाकघर या अधिकृत एजेंट आपके घर पहुंचेगा। वह आंखों का स्कैन, उंगलियों के निशान और फोटो लेकर बायोमेट्रिक चेक करेगा। पूरी प्रक्रिया पांच से दस दिनों में खत्म हो जाती है। उसके बाद एसएमएस से कन्फर्मेशन मिलेगा।
कितना समय और खर्च लगेगा?
यह सेवा बेहद किफायती है। कुल खर्च सिर्फ 75 रुपये, जो ऑनलाइन जमा होता है। पहले सेंटर पर 50 से 100 रुपये लगते थे, लेकिन यात्रा का झंझट अलग। अब घर पर ही सब हो जाएगा, समय की बचत के साथ। हेल्पलाइन नंबर या पोर्टल से ट्रैकिंग आसान है। जालंधर जैसे शहरों में लोग पहले ही इसका फायदा उठा रहे हैं। एक निवासी ने कहा कि पहले आधा दिन सेंटर में निकल जाता था, अब सब घर से मैनेज हो गया।
वैकल्पिक रास्ते अगर जरूरी हो
अगर घर सेवा उपलब्ध न हो, तो नजदीकी सेंटर जाएं। वहां फॉर्म भरें, बायोमेट्रिक दें और 50 रुपये जमा करें। टेलीकॉम स्टोर पर भी पुराने नंबर चेक कर सकते हैं, लेकिन नया जोड़ने के लिए सेंटर ही जाना पड़ेगा। हमेशा सरकारी वेबसाइट या हेल्पलाइन का सहारा लें, फर्जी ऐप्स से बचें। साइबर धोखेबाजों का खतरा बना रहता है।
डिजिटल जीवन को सरल बनाएं
2026 में आधार लिंकिंग अनिवार्य हो चुकी है। गैर-लिंक्ड आधार निष्क्रिय होने का जोखिम है। जल्द अपडेट करें ताकि हर सेवा सहज मिले। यह बदलाव डिजिटल इंडिया को मजबूत कर रहा है। जानकारी के लिए आधिकारिक साइट चेक करें या हेल्पलाइन डायल करें। अब कोई बहाना नहीं, घर से ही आधार को अपडेट रखें।















