गर्भवती महिलाओं और नई मांओं के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना एक बड़ा सहारा बन चुकी है। यह स्कीम मां के पोषण, स्वास्थ्य और बच्चे की मजबूत शुरुआत पर केंद्रित है। ताजा अपडेट में अब दूसरे बच्चे के जन्म पर भी लाभ मिलेगा, वो भी अगर बच्ची हो। इससे परिवारों को आर्थिक राहत के साथ लड़कियों के जन्म को बढ़ावा मिलेगा। लाखों महिलाएं इसका फायदा उठा सकेंगी। आइए, इस योजना की गहराई में उतरें।

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योजना क्यों जरूरी? मां-बच्चे की डबल सुरक्षा
भारत में गर्भावस्था के दौरान कई महिलाओं को पोषण की कमी झेलनी पड़ती है। यह योजना ठीक यहीं मदद करती है। गर्भधारण से लेकर प्रसव तक महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर बेहतर खान-पान सुनिश्चित करती है। अब दूसरे बच्चे (लड़की) के लिए विस्तार से यह और प्रभावी हो गई। मां की सेहत सुधरेगी तो बच्चे का भविष्य भी सुरक्षित। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे कुपोषण की दर 20-30% तक कम हो सकती है।
कितना पैसा मिलेगा? स्टेप बाय स्टेप ब्रेकडाउन
रजिस्ट्रेशन के बाद पहली किस्त में ₹5000 सीधे बैंक खाते में। इसके बाद छठे महीने और बच्चे के जन्म के समय अतिरिक्त मदद। कुल राशि ₹6000 तक पहुंच सकती है। यह रकम दूध, अंडे, फल और विटामिन सप्लीमेंट्स पर खर्च करें। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से कोई कमीशन नहीं कटता। ग्रामीण इलाकों में यह जीवन बदलने वाली साबित हो रही है।
आवेदन कैसे करें? 5 मिनट का काम
- नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र जाएं।
- कार्यकर्ता से बात करें – वे फॉर्म भरेंगी।
- दस्तावेज दें: आधार, बैंक डिटेल्स, गर्भावस्था प्रमाण।
आंगनवाड़ी स्टाफ को अब स्पेशल ऐप मिला है। इससे आवेदन ट्रैकिंग आसान। 15 दिनों में पहली किस्त आ जाती है। शहरों में भी पीएमसी या स्वास्थ्य केंद्रों से संपर्क करें।
संचालन में स्मार्ट बदलाव
पहले स्वास्थ्य विभाग अकेला संभालता था, अब महिला एवं बाल विकास मंत्रालय लीड कर रहा। इससे पहुंच गांवों तक फैल गई। डिजिटल ऐप से कार्यकर्ता रीयल-टाइम अपडेट देती हैं। भ्रष्टाचार खत्म, पारदर्शिता बढ़ी। 2026 तक लक्ष्य: 2 करोड़ से ज्यादा महिलाएं कवर।
यह योजना महिलाओं को सशक्त बनाकर देश के भविष्य को मजबूत कर रही। कुपोषण मुक्त भारत का सपना साकार हो रहा। अगर आप गर्भवती हैं, तो आज ही एक्शन लें। स्वस्थ मां से ही स्वस्थ राष्ट्र बनेगा!















