
परिवार के एकमात्र या मुख्य कमाने वाले सदस्य की अचानक मृत्यु किसी भी परिवार के लिए सिर्फ भावनात्मक नहीं, बल्कि गंभीर आर्थिक संकट भी लेकर आती है। ऐसे कठिन समय में गरीब परिवारों को तुरंत राहत देने के लिए केंद्र सरकार की एक अहम योजना है-राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना (National Family Benefit Scheme)। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को ₹30,000 की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाती है। यह योजना सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के अंतर्गत चलाई जा रही है और इसका उद्देश्य संकट के समय परिवार को न्यूनतम आर्थिक सहारा उपलब्ध कराना है।
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क्या है राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना?
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना केंद्र सरकार की एक सामाजिक कल्याण योजना है, जिसे कई राज्यों में अपने-अपने नाम से लागू किया गया है। उदाहरण के लिए उत्तर प्रदेश में इसे राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के नाम से ही जाना जाता है। इस योजना के तहत यदि किसी गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवनयापन करने वाले परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु हो जाती है, तो सरकार परिवार को ₹30,000 की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
कितनी राशि मिलती है?
- योजना के अंतर्गत ₹30,000 की एकमुश्त सहायता राशि दी जाती है।
- यह रकम सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है।
कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ? (पात्रता)
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं:
- मृतक परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य होना चाहिए
- मृतक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए
- परिवार BPL श्रेणी में आता हो
- परिवार की वार्षिक आय राज्य द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक न हो
- मृत्यु प्राकृतिक हो या दुर्घटना से, दोनों ही स्थितियों में योजना लागू होती है
किन दस्तावेजों की होती है जरूरत?
आवेदन के समय निम्नलिखित दस्तावेज अनिवार्य होते हैं:
- मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र
- परिवार का BPL कार्ड
- आवेदक का आधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र (जहां लागू हो)
कैसे करें आवेदन?
इस योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया राज्य के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन हो सकती है:
- आवेदक को अपने जिला समाज कल्याण कार्यालय या संबंधित विभाग से संपर्क करना होता है
- आवेदन फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज संलग्न किए जाते हैं
- विभाग द्वारा सत्यापन के बाद आवेदन स्वीकृत किया जाता है
- स्वीकृति के बाद सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है
कुछ राज्यों में आवेदन की समय-सीमा तय की गई है, आमतौर पर मृत्यु के एक वर्ष के भीतर आवेदन करना आवश्यक होता है।
कितने समय में मिलती है सहायता राशि?
राज्य सरकारों के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 60 से 75 दिनों के भीतर ₹30,000 की राशि लाभार्थी को मिल जाती है। हालांकि, व्यवहारिक रूप से यह समय जिला प्रशासन की प्रक्रिया पर निर्भर करता है।
योजना का उद्देश्य क्या है?
सरकार का मानना है कि परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु के बाद शुरुआती कुछ महीने सबसे कठिन होते हैं। इसी अवधि में परिवार को भोजन, इलाज, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी खर्चों के लिए पैसों की जरूरत होती है।
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना इसी संकट को कुछ हद तक कम करने का प्रयास है।
जरूरी बात अफवाहों से रहें सावधान
- यह योजना सभी परिवारों के लिए नहीं है, बल्कि केवल BPL परिवारों के लिए लागू होती है
- ₹30,000 की राशि किसी बीमा या नौकरी से जुड़ी स्कीम नहीं है
- आवेदन के नाम पर किसी दलाल या बिचौलिए को पैसा देने की जरूरत नहीं होती















