
बिहार सरकार ने राज्य के होनहार छात्रों के लिए ‘मुख्यमंत्री बालक-बालिका प्रोत्साहन योजना 2026’ के तहत आवेदन की प्रक्रिया को लेकर नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) से मैट्रिक की परीक्षा पास करने वाले लाखों छात्र-छात्राओं के लिए यह एक बड़ी आर्थिक मदद है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मेधावी छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आगे की पढ़ाई (इंटरमीडिएट) के लिए प्रोत्साहित करना है।
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किसे मिलेगी कितनी प्रोत्साहन राशि?
इस योजना के तहत दी जाने वाली राशि सीधे छात्रों के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए भेजी जाती है:
- प्रथम श्रेणी (1st Division): सभी जाति और वर्ग (General, OBC, EBC, SC, ST) के छात्र-छात्राओं को ₹10,000 की एकमुश्त राशि दी जाएगी।
- द्वितीय श्रेणी (2nd Division): केवल अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के छात्रों को ₹8,000 दिए जाएंगे।
- अनिवार्य शर्त: इस योजना का लाभ लेने के लिए छात्र का अविवाहित होना जरूरी है। विवाहित छात्रों को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।
आवेदन के लिए ‘मेधासॉफ्ट’ पोर्टल का उपयोग
बिहार शिक्षा विभाग ने भ्रष्टाचार को रोकने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अब Medhasoft पोर्टल के जरिए ही आवेदन स्वीकार करने का निर्णय लिया है। छात्रों को अब किसी भी कार्यालय या स्कूल के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है।
- छात्रों को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट medhasoft.bihar.gov.in पर जाना होगा।
- वहां अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, जन्म तिथि और प्राप्त कुल अंकों का विवरण दर्ज करना होगा।
- मोबाइल नंबर और ईमेल वेरिफिकेशन के बाद आपको एक लॉगिन आईडी और पासवर्ड मिलेगा, जिससे फॉर्म को फाइनल सबमिट किया जा सकेगा।
इन दस्तावेजों को रखें तैयार
अनुभवी जानकारों का कहना है कि दस्तावेजों में छोटी सी गलती के कारण हजारों छात्रों के पैसे अटक जाते हैं। इसलिए आवेदन से पहले ये कागज जरूर जांच लें:
- 10वीं की मार्कशीट: रोल नंबर और अंक मिलान के लिए।
- आधार कार्ड: आधार पर नाम और मार्कशीट पर नाम बिल्कुल एक जैसा होना चाहिए।
- बैंक खाता: खाता केवल बिहार के किसी बैंक में होना चाहिए और वह छात्र के नाम पर ही हो (जॉइंट अकाउंट मान्य नहीं है)।
- आय एवं जाति प्रमाण पत्र: आरक्षित वर्ग और आय सीमा का लाभ लेने के लिए।
सबसे जरूरी: बैंक खाते की ‘आधार सीडिंग’
इस साल बिहार सरकार ने नियमों को और सख्त कर दिया है। सिर्फ बैंक में आधार लिंक होना काफी नहीं है, आपका बैंक खाता ‘Aadhaar Seeded’ यानी DBT के लिए एक्टिव होना चाहिए। अगर आपका खाता आधार से सीडेड नहीं होगा, तो पोर्टल पर डेटा सही होने के बावजूद पैसे ट्रांसफर नहीं हो पाएंगे। छात्र अपने नजदीकी बैंक जाकर या ऑनलाइन ‘NPCI Mapping’ चेक कर इसकी पुष्टि कर सकते हैं।















