भारतीय किसानों के लिए 2026 एक क्रांतिकारी वर्ष साबित हो रहा है। केंद्र सरकार ने बजट में खेती को बिजनेस में तब्दील करने के लिए PM-KISAN, MSP विस्तार और कृषि स्टार्टअप सब्सिडी जैसी योजनाओं के जरिए अरबों रुपये का फंड खोला है। हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में 25 लाख तक की सब्सिडी उपलब्ध है, जो छोटे किसानों को उद्यमी बनाने में मदद कर रही है। मशरूम फार्मिंग से एग्री-टेक तक के अवसर खुल गए हैं।

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2026 बजट की प्रमुख योजनाएं
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में PM किसान सम्मान निधि की राशि 6,000 से बढ़ाकर 8,000-10,000 रुपये सालाना करने का ऐलान किया। यह राशि तीन किश्तों में सीधे खाते में आएगी, जो बीज-खाद खरीद में सहायक होगी। KCC ऋण सीमा 3 लाख से 5 लाख रुपये हो गई है। दलहन मिशन को 11,440 करोड़ का बजट मिला, जिसमें 100 प्रतिशत MSP पर खरीद की गारंटी है। एग्रीश्योर फंड से स्टार्टअप्स को 750 करोड़ की निधि उपलब्ध होगी। उत्तर प्रदेश में SMAM योजना छोटे किसानों को उपकरणों पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है, आवेदन 16 फरवरी तक खुले हैं।
लाभ और योग्यता की तुलना
| योजना | मुख्य लाभ | योग्यता मानदंड |
|---|---|---|
| PM-KISAN | 8,000-10,000 रुपये/वर्ष | 2 हेक्टेयर तक जमीन वाले किसान |
| एग्रीश्योर फंड | इक्विटी/ऋण, 750 करोड़ | कृषि स्टार्टअप उद्यमी |
| SMAM (उत्तर प्रदेश) | 50% उपकरण सब्सिडी | SC/ST/छोटे किसान |
| हरियाणा एग्री बिजनेस | 25 लाख सब्सिडी | ट्रेनिंग पूरी करने वाले किसान |
आकर्षक बिजनेस अवसर
खेती से जुड़े बिजनेस में मशरूम कल्टीवेशन, जैविक खाद उत्पादन, डेयरी प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज या ड्रोन सर्विसेज शामिल हैं। हरियाणा एग्री यूनिवर्सिटी का EBIC सेंटर एक माह की ट्रेनिंग के बाद 25 लाख सब्सिडी देता है, जो ट्रैक्टर सर्विस या सीड प्रोसेसिंग के लिए उपयुक्त है। राजस्थान की एग्रीकल्चर बिजनेस स्कीम बैल खरीद या छोटे उपकरणों पर 30,000 रुपये सहायता प्रदान करती है। AIF के तहत कोल्ड स्टोरेज पर 2 करोड़ तक का लोन मात्र 3 प्रतिशत ब्याज पर मिल सकता है। ये विकल्प न केवल आय बढ़ाते हैं, बल्कि ग्रामीण रोजगार भी सृजित करते हैं।
सरल आवेदन प्रक्रिया
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और आसान है। PM-KISAN के लिए pmkisan.gov.in पर आधार कार्ड लिंक कर रजिस्ट्रेशन करें; नजदीकी CSC सेंटर सहायता देगा। कृषि स्टार्टअप सब्सिडी हेतु hau.ac.in या agriinfra.dac.gov.in पर प्रोजेक्ट प्रस्ताव जमा करें। उत्तर प्रदेश SMAM योजना के लिए dbtagriculture.up.gov.in पर आधार, बैंक पासबुक और भूमि दस्तावेज अपलोड करें, 16 फरवरी अंतिम तिथि है। सामान्य चरण: दस्तावेज स्कैन कर अपलोड, स्थानीय कृषि कार्यालय से सत्यापन। दलालों से सावधान रहें, सीधे पोर्टल इस्तेमाल करें।
किसानों के लिए सुनहरा मौका
ये योजनाएं किसानों को आत्मनिर्भर भारत का सशक्त हिस्सा बना रही हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 में लाखों नए एग्री-उद्यमी उभरेंगे, बशर्ते समय पर आवेदन हो। नजदीकी कृषि विभाग या कॉमन सर्विस सेंटर से तुरंत संपर्क करें। खेती अब जोखिम भरी नहीं, बल्कि लाभकारी बिजनेस है, इस अवसर को हाथ से न जाने दें।















