दिल्ली सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रतिभा योजना के तहत 9वीं से 12वीं कक्षा के सरकारी स्कूलों के होनहार छात्रों को ₹5,000 से ₹10,000 तक की स्कॉलरशिप मिल रही है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई में मजबूती देने के लिए शुरू की गई है।

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योजना का उद्देश्य
यह स्कीम विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के लिए है। सामान्य वर्ग के छात्र इसमें शामिल नहीं हो सकते। सरकार का मकसद है कि गरीबी की वजह से कोई मेधावी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। पिछले कुछ वर्षों से हजारों छात्र इससे लाभान्वित हो चुके हैं। वित्त मंत्री आतिशी की इस पहल से शिक्षा का स्तर ऊंचा उठ रहा है।
स्कॉलरशिप राशि और पात्रता
9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों को पिछली कक्षा में 50 प्रतिशत या इससे अधिक अंक लाने पर ₹5,000 सालाना मिलेंगे। वहीं, 11वीं और 12वीं के छात्र 60 प्रतिशत अंकों पर ₹10,000 प्राप्त कर सकेंगे। छात्र दिल्ली के मूल निवासी होने चाहिए। परिवार की सालाना आय ₹8 लाख से कम होनी चाहिए। सरकारी या मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ना अनिवार्य है। जाति प्रमाण पत्र भी जरूरी होता है।
आसान आवेदन प्रक्रिया
अब आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन और सरल हो गया है। edudel.nic.in या ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें। फॉर्म भरें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। इनमें आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण और फोटो शामिल हैं। सबमिट करने के बाद ट्रैकिंग आईडी से स्टेटस चेक करें। हेल्पलाइन नंबर 011-23379512 या 1031 पर संपर्क करें। 2026 के लिए आवेदन शुरू हो चुके हैं, अंतिम तिथि नजदीक आ रही है।
छात्रों पर प्रभाव
यह योजना छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ा रही है। किताबें, स्टेशनरी और अन्य खर्च आसानी से निपट जाते हैं। अभिभावक कहते हैं कि इससे बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो रहा है। सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ा है। आने वाले समय में इससे शिक्षा क्रांति आएगी। जल्द आवेदन करें, मौका हाथ से न जाए। अभिभावक बच्चों को प्रेरित करें। यह सरकारी सहायता उनके सपनों को पंख देगी।















