
बजट घोषणा के साथ ही पूरे देश की तरह गोरखपुर में भी लोगों की नजरें सोना-चांदी की कीमतों पर टिक गईं। हाल के दिनों में दोनों धातुओं के दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जो प्रॉफिट बुकिंग, मजबूत डॉलर और वैश्विक बाजार में बढ़ते मार्जिन की वजह से हुई। हालांकि, बजट के बाद सोने में हल्की तेजी लौट आई है। सर्राफा बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी रही।
1 फरवरी को चांदी के दामों में करीब 25 हजार रुपये (लगभग 9%) की कमी आई, जिससे 1 किलो चांदी 2.65 लाख रुपये पर आ stabilize हुई। वहीं, सोने में भी 12 हजार रुपये (8%) की गिरावट के बाद 10 ग्राम का भाव 1.38 लाख रुपये रह गया। यह गिरावट निवेशकों और खरीदारों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
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टैक्स-ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं
सोने के सभी रूपों के आयात पर फिलहाल 6% कस्टम ड्यूटी लागू है, जिसमें 5% बेसिक ड्यूटी और 1% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) शामिल है। चांदी के आयात पर योग्य भारतीय निवासियों को 6% टैक्स देना पड़ता है, जबकि अन्य आयातकों पर 36% ड्यूटी है। इसके अलावा, दोनों धातुओं पर 3% GST अलग से चुकाना होता है। बजट में इन टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिससे सर्राफा व्यापारियों को बड़ी राहत नहीं मिली। जानकारों का कहना है कि वैश्विक कारकों के दबाव में कीमतें और नीचे जा सकती हैं, लेकिन लंबी अवधि में तेजी की संभावना है।
क्या है व्यापारियों की राय?
ऐशप्रा जेम्स एंड ज्वेल्स के डायरेक्टर सौमित्र सर्राफ ने बताया कि बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर को 10% बढ़ाया गया है, जिसका असर इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़कों और सरकारी योजनाओं में दिखेगा। MSME को बढ़ावा मिलने से छोटे व्यापारियों को लाभ होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सोने की कीमतों पर उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में दाम चरम पर पहुंचे थे, गिरावट के बावजूद अभी सरप्लस स्थिति है। आने वाले दिनों में अच्छी तेजी की उम्मीद है। सर्राफा बाजार में यह गिरावट अस्थायी मानते हुए व्यापारी खरीदारी का सुझाव दे रहे हैं।
ग्राहकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
शोरूम में खरीदारी कर रही आकांक्षा त्रिपाठी ने निराशा जताई कि बजट से सोने पर एक्साइज ड्यूटी में राहत की उम्मीद थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। आम जनता के लिए बजट में खास नहीं है, उनका कहना था। वहीं, सुधा त्रिपाठी और सुभाष चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि बजट वाले दिन बड़ी गिरावट की अपेक्षा थी, लेकिन मामूली कमी ही आई। इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस देश के विकास के लिए सकारात्मक कदम है। ग्राहक अब सतर्क होकर निवेश की योजना बना रहे हैं।
बजट की 8 प्रमुख घोषणाएं
बजट में इनकम टैक्स स्लैब अपरिवर्तित रहे, रिवाइज्ड रिटर्न के लिए 31 मार्च तक समय मिला। कैंसर की 17 दवाओं और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर आयात शुल्क हटा। डिफेंस बजट 6.81 से 7.85 लाख करोड़ हो गया। 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (मुंबई-पुणे से वाराणसी-सिलिगुड़ी तक) बनेंगे। 3 आयुर्वेदिक AIIMS और 5 मेडिकल हब स्थापित होंगे। टियर-2/3 शहरों पर 12.2 लाख करोड़ खर्च, 15,000 स्कूलों-500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स, और 800 जिलों में लड़कियों के हॉस्टल।















