
मंगलवार को बाजार खुलते ही सोना-चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ सोना मंगलवार को करीब 1,500 रुपये की गिरावट के साथ खुला, जबकि चांदी में 5,000 रुपये से अधिक की कमी देखी गई। दोपहर 12 बजे के आंकड़ों के अनुसार, MCX पर सोना 0.33% गिरकर 1,57,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। मार्च डिलीवरी वाली चांदी 1.92% लुढ़ककर 2,57,567 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। शुरुआती कारोबार में चांदी 5,300 रुपये से ज्यादा सस्ती होकर 2.57 लाख रुपये के स्तर पर रही, तो अप्रैल डिलीवरी सोना 1.57 लाख के आसपास घूमता नजर आया।
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ऑलटाइम हाई से कितनी गिरावट?
यह गिरावट चांदी के 4.20 लाख के ऑलटाइम हाई से 1.63 लाख रुपये से अधिक नीचे आने और सोने के 1.94 लाख के शिखर से 37,000 रुपये की गिरावट को दर्शाती है। वैश्विक बाजारों में डॉलर की मजबूती, राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों और अमेरिकी ब्याज दरों के संकेतों ने इस डिप को बढ़ावा दिया। लेकिन सवाल उठ रहा है- क्या यह खरीदारों और लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए सुनहरा मौका है?
दिल्ली में आज के भाव
दिल्ली के सर्राफा बाजारों में 10 फरवरी को 22 कैरेट सोना 10 ग्राम के लिए लगभग 78,000-80,000 रुपये के दायरे में रहा, जो हालिया वैश्विक सुधार से प्रेरित है। चांदी प्रति किलो 92,000-95,000 रुपये तक अस्थिर रही। ये भाव MCX ट्रेंड्स और स्थानीय मांग पर आधारित हैं। मुंबई और अन्य शहरों में भी समान गिरावट दिखी, जहां 24 कैरेट सोना 82,000 रुपये के आसपास और चांदी 94,000 के पार लुढ़की। निवेशक ध्यान दें- ये स्पॉट प्राइस हैं; ज्वेलरी खरीद पर मेकिंग चार्ज अतिरिक्त लगेगा।
क्यों गिरी कीमतें?
गिरावट के पीछे कई कारण हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सतर्क नीतियां, चीन की आर्थिक सुस्ती और ट्रेड वॉर की आशंकाएं सोने को दबा रही हैं। चांदी, जो औद्योगिक मांग (सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स) पर निर्भर है, 2025 की 140% रैली के बाद सुधार की दौर से गुजर रही। Mirae Asset MF के विशेषज्ञों के मुताबिक, चांदी अब महंगी है- 2025 में इसने सोने से कहीं बेहतर रिटर्न दिया, लेकिन 2026 में रफ्तार धीमी पड़ सकती है। इसके उलट, सोना केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और भू-राजनीतिक तनाव से सुरक्षित दिख रहा। भारत में शादी सीजन की मांग आने वाले हफ्तों में भावों को सहारा दे सकती है।
निवेश करें या इंतजार?
एक्सपर्ट्स सतर्क उत्साह दिखा रहे। “हालिया डिप खरीदारी का मौका है, खासकर 2-5 साल के होराइजन के लिए,” कहते हैं Mirae Asset के विश्लेषक। सोने में 50-60% आवंटन रखें- Sovereign Gold Bonds या ETFs चुनें, जो टैक्स बेनिफिट देते हैं। चांदी में SIP से एंट्री करें, लेकिन पोर्टफोलियो का 10-15% ही रखें। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में दोनों ने शानदार रिटर्न दिए, और 2026 में ट्रेंड जारी रह सकता है। हालांकि, जोखिम प्रबंधन जरूरी- मुद्रास्फीति और अनिश्चितता फायदेमंद, लेकिन शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स सावधान।
स्मार्ट तरीके से आगे बढ़ें
- सोना: फिजिकल गोल्ड से बचें; डिजिटल विकल्प बेहतर।
- चांदी: औद्योगिक रिकवरी पर नजर, लेकिन ओवर-एक्सपोजर न करें।
- रणनीति: गिरावट पर खरीदें, SIP अपनाएं। वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।
कुल मिलाकर, आज का डिप लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए अवसर है, लेकिन बाजार की नब्ज पकड़ें। भावों पर नजर रखें- अगला अपसाइड भू-राजनीति तय करेगी















