
मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की होनहार छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए अपनी महत्वाकांक्षी ‘गांव की बेटी योजना’ के शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। इस योजना का उद्देश्य उन मेधावी छात्राओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जो आर्थिक तंगी के कारण 12वीं के बाद अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पातीं। अनुभवी जानकारों के अनुसार, इस साल तकनीकी और मेडिकल कोर्सेज में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।
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‘गांव की बेटी योजना’ क्या है ?
यह मध्य प्रदेश सरकार की एक बेहद लोकप्रिय स्कॉलरशिप योजना है, जिसे मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को कॉलेज की पढ़ाई (Higher Education) के लिए प्रोत्साहित करने के लिए बनाया गया है। अक्सर गांवों में लड़कियां 12वीं के बाद पैसों की कमी या अन्य कारणों से पढ़ाई छोड़ देती हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार उन्हें आर्थिक मदद देती है ताकि वे स्नातक (Graduation) की डिग्री पूरी कर सकें।
कितनी मिलती है छात्रवृत्ति?
योजना के तहत मिलने वाली राशि को पाठ्यक्रम के आधार पर दो भागों में बांटा गया है:
- सामान्य स्नातक (BA, BSc, BCom): छात्राओं को ₹500 प्रति माह की दर से 10 महीने तक कुल ₹5,000 प्रति वर्ष दिए जाते हैं।
- तकनीकी एवं मेडिकल कोर्स: इंजीनियरिंग, मेडिकल या अन्य प्रोफेशनल कोर्स करने वाली छात्राओं को ₹750 प्रति माह की दर से 10 महीने तक कुल ₹7,500 प्रति वर्ष की सहायता मिलती है।
कौन सी छात्राएं हैं पात्र?
सत्र 2026 के लिए पात्रता मानदंड इस प्रकार हैं:
- मूल निवासी: छात्रा का मध्य प्रदेश के किसी गांव का स्थाई निवासी होना अनिवार्य है।
- शैक्षणिक योग्यता: छात्रा ने कक्षा 12वीं की परीक्षा ग्रामीण स्कूल से 60% या उससे अधिक अंकों (प्रथम श्रेणी) के साथ उत्तीर्ण की हो।
- उच्च शिक्षा: छात्रा का किसी सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी कॉलेज/विश्वविद्यालय में स्नातक (UG) स्तर पर प्रवेश होना जरूरी है।
- प्रमाण पत्र: छात्रा के पास संबंधित जनपद पंचायत से जारी ‘गांव की बेटी प्रमाण पत्र’ होना अनिवार्य है।
‘गांव की बेटी योजना’ के लिए ऐसे करें आवेदन
अब छात्राओं को आवेदन के लिए किसी भी सरकारी कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है:
- पोर्टल: छात्राओं को MP Higher Education Scholarship Portal पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा।
- नवीनीकरण (Renewal): जो छात्राएं कॉलेज के दूसरे या तीसरे वर्ष में हैं, उन्हें हर साल अपने फॉर्म का नवीनीकरण (Renewal) करना होगा।
- वेरिफिकेशन: ऑनलाइन आवेदन के बाद कॉलेज के प्राचार्य द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है, जिसके बाद राशि सीधे बैंक खाते में (DBT के माध्यम से) भेज दी जाती है।
जरूरी दस्तावेज
आवेदन के समय इन दस्तावेजों को स्कैन करके तैयार रखें:
- कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्कशीट।
- गांव की बेटी प्रमाण पत्र (जनपद स्तर से जारी)।
- समग्र आईडी (Samagra ID) और आधार कार्ड।
- आय, जाति और मूल निवासी प्रमाण पत्र।
- वर्तमान कॉलेज का कोड और ब्रांच कोड।
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी (आधार सीडेड खाता)।















