उत्तर प्रदेश में लड़कियों की शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत प्रदेश भर की 45 हजार होनहार छात्राओं को मुफ्त स्कूटी दी जाएगी। यह योजना खासतौर पर ग्रामीण इलाकों की उन बेटियों के लिए है जो कॉलेज जाने में आने वाली परिवहन की परेशानी से जूझ रही हैं। बजट में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान करते हुए सरकार ने साफ संदेश दिया है कि बेटियां अब किसी रुकावट के बिना अपनी पढ़ाई पूरी करेंगी।

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योजना क्या है?
ग्रामीण क्षेत्रों में कई मेधावी लड़कियां कॉलेज दूर होने के कारण पढ़ाई बीच में छोड़ देती हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए शुरू की गई यह योजना छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाएगी। डिग्री कोर्स के पहले साल में पढ़ रही छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी। झांसी की वीर रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर रखी गई यह योजना स्वराज्य की भावना को जीवंत करती है। छात्राओं को न सिर्फ स्कूटी मिलेगी बल्कि हेलमेट और सुरक्षा उपकरण भी प्रदान किए जाएंगे। इससे न केवल ड्रॉपआउट दर घटीगी बल्कि महिलाओं का सशक्तिकरण भी होगा।
कौन बन सकती हैं पात्र?
इस योजना का फायदा उठाने के लिए कुछ खास योग्यताएं पूरी करनी होंगी। सबसे पहले उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना जरूरी है। कक्षा 12वीं में कम से कम 75 प्रतिशत अंक लाने वाले को ही अवसर मिलेगा। परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। सरकारी या मान्यता प्राप्त कॉलेज या विश्वविद्यालय में दाखिला ले चुकी छात्रा ही आवेदन कर सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की लड़कियों को विशेष तरजीह दी जाएगी। अगर पहले कभी सरकारी स्कूटी का लाभ लिया हो तो अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।
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आवेदन की आसान प्रक्रिया
आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होगा जो उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। सबसे पहले आधार कार्ड और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें। उसके बाद व्यक्तिगत जानकारी भरें जिसमें शैक्षणिक प्रमाण पत्र और पारिवारिक आय का विवरण शामिल हो। जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, 12वीं की मार्कशीट, आय प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण और पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करें। फॉर्म जमा करने पर आवेदन नंबर मिलेगा जिससे स्थिति ट्रैक की जा सकेगी। जिला समिति मेरिट के आधार पर चयन करेगी और सूची वेबसाइट पर जारी होगी। वितरण जिला मुख्यालयों पर आयोजित होगा।
भविष्य की उम्मीदें
पिछली योजनाओं से लाखों लड़कियां लाभान्वित हो चुकी हैं लेकिन यह योजना उनसे कहीं आगे है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे महिला साक्षरता दर तेजी से बढ़ेगी। ग्रामीण बेटियां कॉलेज आसानी से पहुंच सकेंगी और नौकरी पाकर परिवार का सहारा बनेंगी। सरकार ने स्कूटी के मॉडल चुनने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भी तैयार की है जिसमें इलेक्ट्रिक विकल्प पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई की तरह हमारी बेटियां भी हर चुनौती पर विजय प्राप्त करेंगी। फरवरी के अंत तक आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की पूरी संभावना है। इच्छुक छात्राएं आधिकारिक पोर्टल पर नजर रखें और अपने सपनों को साकार करें।
यह योजना न सिर्फ परिवहन का साधन देगी बल्कि बेटियों में आत्मविश्वास भर देगी। उत्तर प्रदेश सरकार का यह प्रयास पूरे देश के लिए प्रेरणा बनेगा।















