तमिलनाडु सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है, जो छात्रों को डिजिटल युग की दहलीज पर ला खड़ा कर रहा है। ‘उलगम उंगल कैयिल’ यानी ‘दुनिया आपके हाथों में’ योजना के तहत लाखों सरकारी कॉलेज छात्रों को मुफ्त लैपटॉप वितरित हो रहे हैं। यह योजना न केवल डिजिटल डिवाइड को पाटेगी, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक स्किल्स के जरिए युवाओं को वैश्विक रोजगार बाजार के लिए तैयार करेगी।

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योजना की पूरी जानकारी!
जनवरी 2026 में चेन्नई के एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस योजना का उद्घाटन किया। पहले चरण में ही 10 लाख लैपटॉप वितरित हो चुके हैं, जबकि कुल लक्ष्य 20 लाख छात्रों को कवर करना है, यह दो चरणों में पूरा होगा। राज्य सरकार ने इसके लिए विशेष बजट आवंटित किया है, जिसमें प्रत्येक लैपटॉप पर करीब 30,000 रुपये का खर्च वहन किया जा रहा है।
ये लैपटॉप उच्च गुणवत्ता वाले हैं, Intel i3 या AMD Ryzen 3 प्रोसेसर, 8GB रैम, 256GB SSD स्टोरेज, विंडोज 11 या BOSS लिनक्स, एमएस ऑफिस और छह महीने का एआई टूल सब्सक्रिप्शन पहले से इंस्टॉल्ड। साथ में लैपटॉप बैग भी प्रदान किया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक, मंत्रियों द्वारा आयोजित वितरण कार्यक्रमों में छात्र उत्साह से लैपटॉप प्राप्त कर रहे हैं, जो शिक्षा को सुलभ बनाने की मिसाल पेश कर रहा है।
कौन बन सकता है लाभार्थी?
यह योजना विशेष रूप से सरकारी संस्थानों के अंतिम वर्ष के छात्रों को निशाना बनाती है। मुख्य योग्यता मानदंड इस प्रकार हैं:
- उम्मीदवार तमिलनाडु का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- सरकारी आर्ट्स, साइंस, इंजीनियरिंग, मेडिकल, कृषि, लॉ कॉलेज, पॉलिटेक्निक, आईटीआई या सहायता प्राप्त संस्थानों के फाइनल ईयर छात्र।
- मेरिट आधारित चयन, जहां न्यूनतम अंक कॉलेज द्वारा तय किए जाते हैं।
- निजी कॉलेजों के छात्र इस दायरे से बाहर हैं।
उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन जैसे नेताओं ने वितरण समारोहों में जोर दिया कि यह योजना गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों के लिए वरदान साबित होगी, जो महंगे डिवाइस खरीदने में असमर्थ हैं।
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आवेदन प्रक्रिया क्या है?
सबसे बड़ी सुविधा यह है कि कोई जटिल ऑनलाइन फॉर्म भरने की जरूरत नहीं। पूरी प्रक्रिया कॉलेज के माध्यम से संचालित होती है:
- कॉलेज प्रिंसिपल पात्र छात्रों की सूची तैयार करते हैं।
- यह सूची उच्च शिक्षा विभाग को भेजी जाती है।
- सत्यापन के बाद, सार्वजनिक समारोहों में लैपटॉप वितरित किए जाते हैं।
अपने जिला कलेक्टरेट वेबसाइट या कॉलेज नोटिस बोर्ड पर अपडेट चेक करें। हेल्पलाइन नंबरों के जरिए भी सहायता उपलब्ध है, और नोडल एजेंसी के रूप में इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ तमिलनाडु काम कर रही है।
अन्य राज्यों में समान अवसर
तमिलनाडु की तर्ज पर कई राज्य छात्रों को लैपटॉप या आर्थिक सहायता दे रहे हैं:
- कर्नाटक की युवा निधि योजना में 60 प्रतिशत से अधिक अंकों वाले छात्रों को नकद या लैपटॉप वाउचर।
- पश्चिम बंगाल की स्वामी विवेकानंद मेरिट कम मीन्स स्कॉलरशिप में लैपटॉप सहायता।
- मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री लैपटॉप योजना मेधावी छात्रों के लिए।
- हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में मेरिट-आधारित स्कीम्स।
ध्यान दें: सोशल मीडिया पर वायरल ‘पीएम फ्री लैपटॉप योजना 2026’ जैसे दावे भ्रामक हैं। हमेशा राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या शिक्षा विभाग से सत्यापन करें।
योजना का प्रभाव
यह पहल डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने में मील का पत्थर साबित हो रही है। छात्र अब ऑनलाइन कोर्स, कोडिंग, एआई ट्रेनिंग और रिसर्च आसानी से कर सकेंगे, जो रोजगार के नए रास्ते खोलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य का जीडीपी और युवा सशक्तिकरण बढ़ेगा। अगर आप पात्र हैं, तो आज ही कॉलेज प्रिंसिपल से संपर्क करें, यह सुनहरा अवसर हाथ से न जाने दें। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय सरकारी पोर्टल विजिट करें।















