
केंद्र सरकार ने किसानों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए फार्मर आईडी (किसान पोर्टल रजिस्ट्री) की नई डिजिटल प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब देशभर के करोड़ों किसान घर बैठे अपने मोबाइल फोन से ही अपनी यूनिक फार्मर आईडी बना सकते हैं। यह पहल एग्रीस्टैक प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जो पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ को सीधे किसानों के खाते में पहुंचाने का काम करेगी।
सरकार का हालिया आदेश साफ है कि सभी किसानों को फार्मर आईडी बनाना अनिवार्य होगा। इससे किसान की जमीन, फसल और व्यक्तिगत जानकारी एक डिजिटल प्रोफाइल में संग्रहीत हो जाएगी। बार-बार दस्तावेज इकट्ठा कर कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत खत्म हो जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह डिजिटल क्रांति कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाएगी और सब्सिडी वितरण को तेज करेगी। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में पहले से सक्रिय पोर्टल अब पूरे देश में विस्तार पा रहे हैं।
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फार्मर आईडी क्यों जरूरी?
फार्मर आईडी एक 14-अंकीय यूनिक नंबर है, जो आधार से लिंक होता है। इससे किसान को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के मिलेगा। उदाहरण के लिए, पीएम किसान की 21वीं किस्त फार्मर आईडी वाले किसानों को प्राथमिकता से मिल रही है। दिल्ली और आसपास के किसानों के लिए भी स्थानीय एग्री डिपार्टमेंट ने मोबाइल-आधारित रजिस्ट्रेशन को बढ़ावा दिया है। अभी तक करोड़ों किसानों ने इसे अपनाया है, लेकिन लाखों अभी भी वंचित हैं।
पात्रता के मानदंड सरल
- आवेदक किसान होना चाहिए, जो सक्रिय रूप से खेती करता हो।
- सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हों।
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर जरूरी।
- भारत का मूल निवासी।
ये शर्तें पूरी करने पर कोई भी किसान आवेदन कर सकता है।
जरूरी दस्तावेज तैयार रखें
मोबाइल से रजिस्ट्रेशन के लिए ये दस्तावेज चाहिए:
- आधार कार्ड (ई-केवाईसी के लिए अनिवार्य)।
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर।
- खेती के कागजात जैसे खसरा-खतौनी, जमाबंदी।
- बैंक खाता विवरण और फोटो (यदि आवश्यक)।
इनके बिना प्रक्रिया अधर में लटक सकती है।
मोबाइल से स्टेप-बाय-स्टेप रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://upfr.agristack.gov.in/ या अपने राज्य की साइट (जैसे मध्य प्रदेश के लिए https://mpfr.agristack.gov.in/) पर जाएं। यह उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए विशेष है, लेकिन अन्य राज्य समान पोर्टल प्रदान कर रहे हैं।
- होमपेज पर ‘रजिस्ट्रेशन’ सेक्शन में ‘Farmer’ विकल्प चुनें।
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर दर्ज करें। तुरंत ओटीपी मोबाइल पर आएगा।
- ओटीपी वेरीफाई कर मजबूत पासवर्ड बनाएं और लॉगिन करें।
- फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी भरें- नाम, पता, आधार डिटेल।
- खेती विवरण डालें- खसरा नंबर, खतौनी, जमीन का क्षेत्रफल। दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें।
- जानकारी चेक कर सबमिट करें। दूसरा ओटीपी वेरीफाई करने पर फार्मर आईडी तुरंत जनरेट हो जाएगी।
पूरी प्रक्रिया 10-15 मिनट में पूरी हो जाती है। आईडी डाउनलोड कर प्रिंट भी ले सकते हैं।
वैकल्पिक तरीके यदि मोबाइल न हो
स्मार्टफोन न होने पर नजदीकी CSC सेंटर या पटवारी से संपर्क करें। वे मुफ्त या नाममात्र शुल्क पर रजिस्ट्रेशन करेंगे। हेल्पलाइन 1800-180-1551 पर कॉल कर मार्गदर्शन लें।
चुनौतियां और समाधान
ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की कमी बड़ी बाधा है, लेकिन Jio-Airtel जैसे नेटवर्क ने कनेक्टिविटी सुधार दी है। सरकार ने 2026 तक 100% डिजिटल रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य रखा है। किसान भाई, देरी न करें- फार्मर आईडी बनाकर योजनाओं का लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल विजिट करें।















