
राजधानी में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार अपनी नई ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2.0’ के तहत एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है, अब 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को सड़कों से हटाने के बजाय, उन्हें इलेक्ट्रिक अवतार में बदलने (Retrofitting) का विकल्प दिया जा रहा है।
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रेट्रोफिटिंग किट पर मिलेगी भारी छूट
नई गाइडलाइंस के मुताबिक, पुरानी कार या बाइक को ई-व्हीकल में बदलने के लिए इस्तेमाल होने वाली रेट्रोफिटिंग किट पर सरकार ₹50,000 तक की सीधी सब्सिडी देने का प्रस्ताव कर रही है।
- सीमित लाभ: यह विशेष छूट फिलहाल पहले 1,000 वाहनों के लिए ही उपलब्ध होगी।
- पॉलिसी की अवधि: दिल्ली सरकार ने अपनी वर्तमान ईवी नीति को 31 मार्च, 2026 तक बढ़ा दिया है, जिसके बाद नई पॉलिसी 2.0 के तहत इन लाभों को पूरी तरह लागू किया जाएगा।
पुराने वाहनों को मिला ‘नया जीवन’
दिल्ली-NCR में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के नियमों के कारण पुरानी गाड़ियां चलाना प्रतिबंधित है लेकिन रेट्रोफिटिंग के जरिए इन ‘ओवरएज’ हो चुके वाहनों को इलेक्ट्रिक पावरट्रेन (मोटर और बैटरी) के साथ फिट करके दोबारा कानूनी रूप से सड़कों पर उतारा जा सकेगा।
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मुख्य शर्तें और नियम
- रेट्रोफिटिंग के लिए केवल सरकार द्वारा प्रमाणित (Approved) किट और अधिकृत केंद्रों का ही उपयोग करना अनिवार्य होगा।
- विशेषज्ञों का मानना है कि रेट्रोफिटिंग की लागत वर्तमान में नई EV की कीमत का करीब 60-70% हो सकती है, जिसे कम करने के लिए सरकार सब्सिडी का सहारा ले रही है।
- सब्सिडी के अलावा, ई-गुड्स वाहनों को पार्किंग शुल्क में छूट और प्रतिबंधित समय में भी चलने की अनुमति जैसे लाभ मिल सकते हैं।
स्वच्छ ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा जो अपनी पुरानी और पसंदीदा गाड़ी को छोड़ना नहीं चाहते, लेकिन प्रदूषण नियमों के कारण उसे चला भी नहीं पा रहे हैं।















