
करोड़ों पीएफ खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी है, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने ईपीएफओ (EPFO) के निष्क्रिय (Inoperative) खातों में पड़े लावारिस फंड को वापस करने के लिए एक ऐतिहासिक स्वचालित रिफंड (Auto-Refund) प्रक्रिया को मंजूरी दी है, इस नई व्यवस्था के तहत अब सब्सक्राइबर्स को छोटे बैलेंस वाली रकम निकालने के लिए किसी भी तरह की कागजी कार्रवाई या क्लेम फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी।
यह भी देखें: India Donation Report: भारतीय हर साल ₹54,000 करोड़ दान करते हैं, जानें धर्म के नाम पर कितना जाता है पैसा
Table of Contents
पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने 23 फरवरी 2026 को इस पायलट प्रोजेक्ट की घोषणा की, पहले चरण में उन 7.11 लाख खातों को लक्षित किया गया है जिनमें ₹1,000 या उससे कम की राशि जमा है, इन खातों में कुल ₹30.52 करोड़ की राशि पड़ी है, जिसे सीधे सब्सक्राइबर्स के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा।
मुख्य विशेषताएं और शर्तें
- ₹1,000 तक की राशि के लिए अब किसी आवेदन की आवश्यकता नहीं है; ईपीएफओ खुद पहल कर पैसा वापस करेगा।
- वह खाता जिसमें लगातार 3 वर्षों (36 महीने) से कोई योगदान या लेनदेन नहीं हुआ हो, उसे निष्क्रिय माना जाता है।
- पैसा उन्हीं के खाते में आएगा जिनके बैंक विवरण और आधार ईपीएफओ के साथ अपडेटेड और लिंक हैं।
- यदि मूल खाताधारक की मृत्यु हो गई है, तो यह राशि उनके नॉमिनी या कानूनी वारिस को प्रदान की जाएगी।
ईपीएफओ की तिजोरी में जमा है भारी भरकम राशि
आंकड़ों के मुताबिक, ईपीएफओ के पास वर्तमान में लगभग 31.86 लाख निष्क्रिय खाते हैं, जिनमें करीब ₹10,903 करोड़ की भारी-भरकम राशि जमा है, इनमें से कई खाते 20 साल पुराने हैं, सरकार की योजना है कि यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो बाकी 24.76 लाख निष्क्रिय खातों (जिनमें बड़ी राशि जमा है) के लिए भी इसी तरह का चरणबद्ध रिफंड प्रोसेस लागू किया जाए।
यह भी देखें: 5 Day Work Week Rule: अब 8 घंटे की शिफ्ट और हफ्ते में सिर्फ 5 दिन काम, नए लेबर कानून से कर्मचारियों को राहत
डिजिटल सुधारों की ओर बढ़ते कदम
श्रम मंत्रालय इस प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए EPFO 3.0 पर काम कर रहा है, जिससे क्लेम सेटलमेंट का समय 20 दिन से घटकर मात्र 3 दिन रह जाएगा, इसके साथ ही, अप्रैल 2026 से एक नया मोबाइल ऐप और UPI आधारित निकासी सेवा शुरु करने की भी तैयारी है।















